सिवनी में दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क उपकरण शिविर, 31 अक्टूबर तक इन जगहों पर होगा परीक्षण
Seoni News: ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र के लिए शिविर, जानें जरूरी दस्तावेज और पात्रता
दिव्यांगजन ध्यान दें! बरघाट से सिवनी तक लगेंगे निःशुल्क सहायक उपकरण शिविर, तारीखें जारी
(अशोक सोनी)
सिवनी (साई)। जिले के दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण, कैलिपर्स और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न जनपद पंचायतों में चिन्हांकन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एडिप (ADIP) योजना के अंतर्गत आयोजित इन शिविरों में दिव्यांगजनों का परीक्षण और मूल्यांकन कर उनकी आवश्यकता के अनुसार उपकरणों के लिए चिन्हित किया जा रहा है।
इसी क्रम में जनपद पंचायत घंसौर में आयोजित शिविर में कुल 141 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। इनमें से 82 दिव्यांगजनों को आवश्यकतानुसार सहायक उपकरणों के लिए चिन्हित किया गया। शिविर में पात्रता और जरूरत के आधार पर विभिन्न प्रकार के उपकरणों के लिए मूल्यांकन किया गया।
जिला प्रशासन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 27 अक्टूबर को बरघाट, 28 अक्टूबर को लखनादौन, 29 अक्टूबर को केवलारी, 30 अक्टूबर को कुरई और 31 अक्टूबर 2026 को सिवनी में शिविर आयोजित किए जाएंगे। सभी शिविर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे।
इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के पात्र दिव्यांगजनों तक सरकारी सहायता पहुंचाना है, ताकि उन्हें उनकी दैनिक जरूरतों और आवागमन में सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में सुविधा मिल सके। संबंधित विभाग ने पात्र हितग्राहियों से जरूरी दस्तावेजों के साथ निर्धारित शिविर स्थल पर पहुंचकर परीक्षण कराने की अपील की है।
घंसौर शिविर में 141 दिव्यांगजनों का पंजीयन
जनपद पंचायत घंसौर में आयोजित चिन्हांकन शिविर में दिव्यांगजनों ने पंजीयन कराया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिविर में कुल 141 लोगों का पंजीयन हुआ, जिनमें से 82 लोगों को आवश्यक सहायक उपकरणों के लिए चिन्हित किया गया।
इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य दिव्यांगजनों की जरूरतों का आकलन कर उन्हें उपयुक्त उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाना था। केवल पंजीयन करा लेना उपकरण प्राप्त करने की अंतिम पुष्टि नहीं है। संबंधित अधिकारियों द्वारा परीक्षण, पात्रता और आवश्यकता के मूल्यांकन के आधार पर उपकरणों का निर्धारण किया जाता है।
ऐसे शिविरों के माध्यम से उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाता है, जिन्हें चलने-फिरने, सुनने, देखने, दैनिक गतिविधियां करने या अन्य शारीरिक जरूरतों के लिए सहायक उपकरणों की आवश्यकता होती है।
किन-किन सहायक उपकरणों के लिए किया जा रहा है चिन्हांकन?
शिविरों में दिव्यांगजनों की जरूरत और पात्रता के अनुसार विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरणों के लिए परीक्षण और मूल्यांकन किया जा रहा है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल।
- सामान्य ट्राइसाइकिल।
- व्हीलचेयर।
- बैसाखी।
- श्रवण यंत्र।
- वॉकर।
- चलने की छड़ी।
- बौद्धिक दिव्यांगता से संबंधित किट।
- ब्रेल मोबाइल सहित अन्य सहायक उपकरण।
- आवश्यकता और पात्रता के अनुसार कृत्रिम हाथ एवं पैर।
किस व्यक्ति को कौन-सा उपकरण दिया जा सकता है, इसका निर्धारण उसकी दिव्यांगता, कार्यात्मक जरूरत और योजना की पात्रता संबंधी शर्तों के अनुसार किया जाएगा।
सभी उपकरण प्रत्येक व्यक्ति को उपलब्ध होना जरूरी नहीं है। इसलिए शिविर में उपस्थित होकर विशेषज्ञों से परीक्षण कराना और अपनी जरूरत के बारे में जानकारी देना महत्वपूर्ण है।
आर.एस. ट्रस्ट के माध्यम से कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था
शिविरों में सहायक उपकरणों के चिन्हांकन के साथ पात्र दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आर.एस. ट्रस्ट के माध्यम से पात्रता के आधार पर कृत्रिम हाथ और पैर जैसे अंगों का मौके पर ही प्रदाय किया जा रहा है।
कृत्रिम अंग उन लोगों की दैनिक गतिविधियों और आवागमन में मदद कर सकते हैं, जिन्हें अंग की अनुपस्थिति के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, प्रत्येक हितग्राही के लिए कृत्रिम अंग की उपयुक्तता और उपलब्धता का निर्धारण संबंधित मूल्यांकन के आधार पर किया जाता है।
दिव्यांगजनों को शिविर में अपनी आवश्यकता स्पष्ट रूप से बतानी चाहिए, ताकि संबंधित टीम आवश्यक परीक्षण कर सके और योजना के प्रावधानों के अनुसार आगे की प्रक्रिया निर्धारित हो सके।
सिवनी जिले में कब और कहां लगेंगे शिविर?
जिले में पात्र दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए अलग-अलग जनपद पंचायतों में शिविरों का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को इन शिविरों में शामिल होने की अपील की है।
| तारीख | शिविर स्थल | किन क्षेत्रों के हितग्राही शामिल हो सकते हैं |
| 27 अक्टूबर 2026 | जनपद पंचायत बरघाट | बरघाट जनपद एवं नगर परिषद बरघाट के दिव्यांगजन |
| 28 अक्टूबर 2026 | जनपद पंचायत लखनादौन | लखनादौन, छपारा जनपद तथा लखनादौन एवं छपारा नगर परिषद के दिव्यांगजन |
| 29 अक्टूबर 2026 | जनपद पंचायत केवलारी | केवलारी जनपद एवं नगर परिषद केवलारी के दिव्यांगजन |
| 30 अक्टूबर 2026 | जनपद पंचायत कुरई | कुरई जनपद के पात्र दिव्यांगजन |
| 31 अक्टूबर 2026 | जनपद पंचायत सिवनी | सिवनी नगर पालिका सहित अन्य जनपदों और नगरीय निकायों के शेष पात्र दिव्यांगजन |
शिविर का समय: सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक।
सिवनी में आयोजित शिविर में अन्य जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के ऐसे पात्र दिव्यांगजन भी शामिल हो सकेंगे, जो निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले शिविरों में शामिल नहीं हो पाए हैं।
हितग्राहियों को सलाह दी जाती है कि निर्धारित स्थल पर जाने से पहले अपने क्षेत्र के संबंधित अधिकारी से शिविर और पात्रता संबंधी जानकारी की पुष्टि कर लें।
निःशुल्क उपकरण प्राप्त करने के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी?
एडिप योजना के अंतर्गत सहायक उपकरणों के लिए परीक्षण कराने वाले दिव्यांगजनों को आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य है। दस्तावेजों के आधार पर पहचान, दिव्यांगता, निवास और आर्थिक पात्रता से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जा सकता है।
आवश्यक दस्तावेजों में शामिल हैं:
- विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र यानी यूडीआईडी कार्ड।
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र।
- आय प्रमाण पत्र अथवा गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी का बीपीएल राशन कार्ड।
- मूल निवासी प्रमाण पत्र।
- आधार कार्ड।
- समग्र पहचान पत्र।
- दिव्यांगता दर्शाते हुए पासपोर्ट आकार के फोटो।
हितग्राहियों को सभी उपलब्ध दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचना चाहिए। यदि किसी दस्तावेज में कमी है या किसी विशेष उपकरण के लिए अतिरिक्त प्रमाण की जरूरत है, तो संबंधित अधिकारी से इसकी जानकारी प्राप्त करना उचित होगा।
सामान्य सहायक उपकरणों के लिए कितनी दिव्यांगता जरूरी?
योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, सामान्य सहायक उपकरणों के लिए यूडीआईडी कार्ड में 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता होना आवश्यक बताया गया है।
वहीं, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल के लिए दिव्यांगता का निर्धारित स्तर 80 प्रतिशत या उससे अधिक है। इस उपकरण के लिए अन्य पात्रता शर्तें भी लागू हो सकती हैं। इसलिए केवल दिव्यांगता प्रतिशत के आधार पर उपकरण मिलने की गारंटी नहीं मानी जानी चाहिए।
मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की जरूरत और उपयुक्तता का आकलन संबंधित विशेषज्ञों और अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। अन्य सहायक उपकरणों के लिए भी दिव्यांगता की प्रकृति, व्यक्ति की जरूरत और योजना के नियम महत्वपूर्ण होंगे।
इसलिए पात्र हितग्राहियों को शिविर में उपस्थित होकर मूल्यांकन कराना चाहिए, ताकि उनकी जरूरत के अनुसार उपयुक्त उपकरण के लिए विचार किया जा सके।
आय संबंधी पात्रता के नियम भी जान लें
एडिप योजना के तहत निःशुल्क सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए आर्थिक पात्रता से संबंधित शर्तें भी निर्धारित हैं।
उपलब्ध कार्यक्रम जानकारी के अनुसार, मासिक आय 22,500 रुपये या उससे कम होना अथवा बीपीएल राशन कार्ड होना आवश्यक है। संबंधित दस्तावेजों के माध्यम से आय संबंधी पात्रता का सत्यापन किया जा सकता है।
हितग्राहियों को अपना आय प्रमाण पत्र या बीपीएल राशन कार्ड साथ रखना चाहिए। यदि किसी मामले में दस्तावेजों की वैधता, आय की गणना या अन्य शर्तों को लेकर संदेह हो, तो शिविर में मौजूद संबंधित अधिकारी से जानकारी लेनी चाहिए।
योजना की शर्तें पूरी करने वाले लोगों को परीक्षण और मूल्यांकन की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। उपकरण का अंतिम निर्धारण संबंधित पात्रता और जरूरत के आधार पर होगा।
पहले उपकरण प्राप्त कर चुके दिव्यांगजन इन नियमों पर दें ध्यान
योजना में पहले प्राप्त किए गए उपकरणों के संबंध में भी समय-सीमा का प्रावधान है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसे दिव्यांगजन जिन्होंने सामान्य प्रयोजन के सहायक उपकरण पिछले तीन वर्षों के दौरान किसी भी स्रोत से प्राप्त नहीं किए हैं, वे निर्धारित पात्रता के अधीन लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और स्मार्टफोन के लिए यह अवधि पांच वर्ष निर्धारित बताई गई है।
इसका उद्देश्य उपकरण वितरण में निर्धारित नियमों का पालन करना है। इसलिए शिविर में पहुंचने वाले हितग्राहियों को अपने पहले प्राप्त उपकरणों से संबंधित जानकारी सही-सही देनी चाहिए। अंतिम पात्रता का निर्णय संबंधित अधिकारियों द्वारा योजना के लागू प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के दिव्यांगजनों को मिलेगा अवसर
सिवनी जिले में अलग-अलग जनपद पंचायतों में शिविर आयोजित करने से ग्रामीण क्षेत्रों के दिव्यांगजनों को स्थानीय स्तर पर परीक्षण की सुविधा मिल सकती है। साथ ही संबंधित नगर परिषदों और नगर पालिका क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को भी कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर दिया गया है।
दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, वॉकर और बैसाखी जैसे उपकरण आवागमन में सहायता कर सकते हैं। श्रवण यंत्र सुनने संबंधी कठिनाइयों को दूर करने में मदद कर सकते हैं, जबकि अन्य विशेष उपकरण संबंधित जरूरतों के अनुसार उपयोगी होते हैं।
ऐसे उपकरणों की उपलब्धता से व्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी बेहतर हो सकती है। हालांकि, उपकरण का लाभ उसकी उपयुक्तता, सही उपयोग और व्यक्ति की जरूरत पर निर्भर करता है।
स्थानीय स्तर पर शिविर आयोजित होने से पात्र लोगों को अपनी जरूरतों के आकलन के लिए निर्धारित स्थल पर पहुंचने का अवसर मिलता है।
शिविरों के संचालन के लिए अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
जिले में शिविरों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने और अधिकाधिक पात्र दिव्यांगजनों को लाभान्वित करने के लिए संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
संबंधित अधिकारियों और मैदानी अमले को शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों तक जानकारी पहुंच सके।
शिविरों की सफलता के लिए केवल आयोजन स्थल निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है। लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना, आवश्यक दस्तावेजों के बारे में बताना और परीक्षण की प्रक्रिया व्यवस्थित रखना भी महत्वपूर्ण है।
नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार व्यवस्थाओं का समन्वय किया जाए और हितग्राहियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग दिया जाए।
पात्र दिव्यांगजनों से की गई शिविर में पहुंचने की अपील
उपसंचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय, जिला सिवनी ने सभी पात्र दिव्यांगजनों से अपील की है कि वे अपने निर्धारित शिविर स्थल पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर परीक्षण कराएं।
शिविर में पहुंचने से पहले हितग्राहियों को अपनी दिव्यांगता से संबंधित प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड और आय संबंधी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। इससे पंजीयन और पात्रता की जांच में सुविधा हो सकती है।
जिन लोगों को सहायक उपकरणों की जरूरत है, उन्हें निर्धारित तिथि और समय के अनुसार शिविर में शामिल होने का प्रयास करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति अपने क्षेत्र के शिविर में शामिल नहीं हो पाता है, तो उसे आगे की संभावित प्रक्रिया के संबंध में संबंधित विभाग से जानकारी लेनी चाहिए।
सिवनी जिले में दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण, कैलिपर्स और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिन्हांकन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। घंसौर में आयोजित शिविर में 141 लोगों का पंजीयन हुआ, जिनमें से 82 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों के लिए चिन्हित किया गया।
आगामी शिविर 27 अक्टूबर को बरघाट, 28 अक्टूबर को लखनादौन, 29 अक्टूबर को केवलारी, 30 अक्टूबर को कुरई और 31 अक्टूबर 2026 को सिवनी में आयोजित होंगे। सभी शिविर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे।
पात्र दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र या बीपीएल राशन कार्ड, मूल निवासी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, समग्र पहचान पत्र और पासपोर्ट आकार के फोटो सहित आवश्यक दस्तावेज साथ लाने होंगे।
प्रशासन ने पात्र हितग्राहियों से अपील की है कि वे निर्धारित शिविर में पहुंचकर अपना परीक्षण कराएं और योजना के प्रावधानों के अनुसार निःशुल्क सहायक उपकरण प्राप्त करने की प्रक्रिया में भाग लें।