(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान 2026-27 के अंतर्गत सिवनी जिले के अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को मत्स्य पालन एवं मत्स्य व्यवसाय से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। कार्यालय उप संचालक मत्स्योद्योग, सिवनी के श्री सहदेव नागले ने 30 अक्टूबर 2026 तक आवेदन आमंत्रित करने की सूचना दी। यह पहल ग्रामीण जनसंख्या के जीवन स्तर को सुधारने और जल संसाधनों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
योजना का विवरण
अभियान के तहत सिवनी जिले में कुल 397 ग्रामों का चयन भारत सरकार द्वारा जनसंख्या के आधार पर किया गया है। चयनित ग्रामों में लखनादौन (100 ग्राम), छपारा (54 ग्राम), घंसौर (84 ग्राम), धनौरा (50 ग्राम), केवलारी (19 ग्राम), सिवनी (33 ग्राम), बरघाट (17 ग्राम) और कुरई (40 ग्राम) शामिल हैं। इन ग्रामों के जनजातीय वर्ग के कृषक एवं इच्छुक हितग्राही, जो मत्स्य पालन या संबंधित व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, वे इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
प्रमुख योजनाएँ और वित्तीय सहायता
योजना के प्रमुख घटक इस प्रकार हैं:
• स्वयं की भूमि पर अधिकतम 2 हेक्टेयर में तालाब निर्माण एवं आवश्यक सामग्री की व्यवस्था।
• 0.50 हेक्टेयर में सर्कुलर हैचरी निर्माण।
• 0.10‑0.20 हेक्टेयर में तालाब‑आधारित बायोफ्लॉक इकाई की स्थापना तथा 7, 25, 50 टैंक क्षमता वाली बायोफ्लॉक इकाइयों के लिए सहायता।
• 1 हेक्टेयर में मत्स्य बीज संवर्धन जलक्षेत्र निर्माण।
• प्रतिदिन 10‑50 टन क्षमता के शीतगृह, बर्फ संयंत्र एवं आइस प्लांट की स्थापना।
• प्रतिदिन 2‑100 टन क्षमता वाली मत्स्य प्रसंस्करण इकाइयों का विकास।
कुल योजना लागत का 90 % केंद्र सरकार द्वारा और शेष 10 % लाभार्थी द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे आर्थिक बोझ कम रहेगा।
आवेदन प्रक्रिया और समयसीमा
इच्छुक लाभार्थियों को आवश्यक दस्तावेज़ (आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, भूमि स्वामित्व प्रमाण) के साथ कार्यालय उप संचालक मत्स्योद्योग, सिवनी में जमा करना होगा। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है, जिसके बाद चयन प्रक्रिया शुरू होगी और चयनित उम्मीदवारों को सहायता राशि जारी की जाएगी।
प्रमुख बिंदु
• कंपनी: धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान
• आयोजन: मत्स्य पालन एवं व्यवसाय योजना
• स्थान: सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: जनजातीय वर्ग को आर्थिक सशक्तिकरण
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 90 % केंद्र वित्तीय सहायता, 10 % लाभार्थी योगदान
• लक्ष्य: 397 ग्रामों में 2 हैक्टेयर तक तालाब, बायोफ्लॉक इकाइयाँ, शीतगृह आदि का निर्माण
सिवनी में इस मत्स्य पालन योजना के कार्यान्वयन से न केवल जल‑आधारित आय के नए स्रोत उत्पन्न होंगे, बल्कि ग्रामीण जनजातीय समुदाय की सामाजिक‑आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। नियमित समीक्षा, तकनीकी समर्थन और सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से योजना की सफलता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे सतत विकास और क्षेत्रीय समृद्धि को नई दिशा मिलेगी।