(श्वेता यादव)
बंग्लुरू (साई)। मंगलवार, 22 सितम्बर 2026 को बेंगलुरु में आयोजित उद्योग‑उद्यमी संवाद में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टेलीकॉम, सेमीकंडक्टर, जीसीसी और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण को वैश्विक केंद्र बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा की, जिसमें चिप डिजाइन, ड्रोन तकनीक, डेटा सेंटर और स्पेसटेक शामिल हैं। यह पहल प्रदेश के रोजगार सृजन और तकनीकी आत्मनिर्भरता को तेज़ करने के लिए महत्वपूर्ण मानी गई।
विस्तृत कवरेज
डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर और टेलीकॉम के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा पहले ही तैयार है। ग्वालियर टेलीकॉम जोन, मालवा‑महाकौशल औद्योगिक क्षेत्र और कई विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) को एकीकृत करके निवेशकों को एक सहज वातावरण प्रदान किया जाएगा। सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिससे अनुमति प्रक्रिया में औसत समय 30 प्रतिशत तक घटाया गया है।
उद्योगपतियों ने कहा कि बेंगलुरु के तकनीकी इको‑सिस्टम के साथ मध्यप्रदेश के औद्योगिक आधार का समन्वय नवाचार को गति देगा। प्रस्तावित निवेश में चिप डिजाइन हब, ड्रोन असेंबली यूनिट, जीसीसी (गैस कंट्रोल सेंटर) और बड़े डेटा सेंटर शामिल हैं, जो सीधे तौर पर 12,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य ने GST रिवॉर्ड, भूमि अधिग्रहण में तेज़ी और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की घोषणा की, जिससे स्थानीय युवा को उच्च तकनीकी कौशल प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रत्येक रोड शो में वे स्वयं निवेशकों से मिलते हैं और वरिष्ठ अधिकारियों को साथ लेकर समस्याओं का त्वरित समाधान करते हैं। पारदर्शी नीतियों और नीति‑सहायता के तहत, निवेशकों को सुरक्षित वातावरण, वित्तीय प्रोत्साहन और निरंतर निगरानी प्रदान की जाएगी। यह रणनीति मध्यप्रदेश को ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ के प्रमुख केंद्रों में स्थान देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी/सरकार: मध्यप्रदेश राज्य सरकार
• आयोजन: वन‑टू‑वन उद्योग‑उद्यमी संवाद
• स्थान: बेंगलुरु
• मुख्य उद्देश्य: टेलीकॉम‑सेमीकंडक्टर हब निर्माण हेतु 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: सिंगल विंडो सिस्टम, तेज़ अनुमतियां, GST रिवॉर्ड, कौशल प्रशिक्षण
• लक्ष्य: 12,000+ प्रत्यक्ष रोजगार, तकनीकी आत्मनिर्भरता, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में स्थान सुनिश्चित करना
भविष्य की दिशा
डॉ. यादव ने कहा कि निरंतर निवेश‑उन्मुख नीतियों, आधुनिक तकनीकी अपनाने और कर्मचारियों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने से मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता में दीर्घकालिक स्थिरता आएगी। नियमित समीक्षा और सार्वजनिक‑निजी भागीदारी के माध्यम से राज्य की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, जिससे सतत विकास और आर्थिक वृद्धि को नई दिशा मिलेगी।