(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज मंगलवार 22 सितंबर 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, मंगलवार 22 सितंबर 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 25.4 | 23 | 81 | |
| शाम | 30 | 25.4 | 79 | |
| वर्षा | 2.4 | मिलीमीटर | ||
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में मौसमी बदलाव का दौर लगातार जारी है। सितंबर माह के उत्तरार्ध में जहां एक ओर मानसूनी गतिविधियों के धीमा पड़ने की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर बन रहे सिस्टम के कारण हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा रही है। सिवनी जिले में मंगलवार, 22 सितंबर 2026 की शाम तक बीते 24 घंटों में 2.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इस बारिश से भले ही धूल और गर्मी से थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन दिन के तापमान पर इसका कोई खास बड़ा असर देखने को नहीं मिला है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2.4 मिमी वर्षा के बावजूद जिले का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर ही अटका रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर बादलों की आवाजाही और हल्की धूप के बीच उमस का प्रभाव बना रहा, जिसने आम जनजीवन को प्रभावित किया है।
बीते 24 घंटे के तापमान और वर्षा के प्रमुख आंकड़े
भू-अभिलेख और मौसम विभाग कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सिवनी जिले में दर्ज किए गए आंकड़े इस प्रकार हैं:
- अधिकतम तापमान:0°C
- न्यूनतम तापमान:0°C
- बीते 24 घंटे की कुल वर्षा:4 मिमी
- हवा में आर्द्रता (नमी): सुबह के समय 85% से ऊपर, शाम को 78%
- मौसम की स्थिति: आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ हल्की बूंदाबांदी
मौसम प्रेक्षकों का कहना है कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान का यह अंतर सितंबर के मध्य से अंत के बीच सामान्य माना जाता है। हालांकि, मानसूनी हवाओं में नमी के कारण जब बारिश रुकती है, तो सूर्य की किरणें सीधे धरातल तक पहुंचती हैं, जिससे पारे में उछाल देखने को मिलता है।
बारिश के बाद भी उमस का असर क्यों बना हुआ है?
आमतौर पर यह माना जाता है कि बारिश होने के बाद तापमान में तेजी से गिरावट आती है और मौसम सुहावना हो जाता है। लेकिन सिवनी में दर्ज की गई 2.4 मिमी की बारिश एक बहुत ही हल्की वर्षा की श्रेणी में आती है। जब बारिश की मात्रा कम होती है और जमीन पहले से ही गर्म होती है, तो वर्षा का पानी वाष्पीकृत (Evaporate) होकर वायुमंडल में नमी का स्तर बढ़ा देता है।
हवा में आद्रता बढ़ने और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के कारण वातावरण में भारी उमस पैदा हो जाती है। यही कारण रहा कि मंगलवार को बारिश के बाद भी लोगों को पंखे और कूलर का सहारा लेना पड़ा। राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को दिन के समय पसीने की वजह से काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
कृषि क्षेत्र और फसलों पर मौसमी परिस्थितियों का प्रभाव
सिवनी जिले के ग्रामीण इलाकों में इस समय खरीफ की फसलें, विशेषकर सोयाबीन, मक्का और धान परिपक्वता की ओर बढ़ रही हैं या पकने की स्थिति में हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, सितंबर के इस चरण में हल्की बारिश और संतुलित तापमान फसलों के दाने भराव प्रक्रिया में मददगार साबित होता है।
- धान की फसल: जिले के धान उत्पादक क्षेत्रों के लिए यह हल्की बारिश बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। धान की पिछैती किस्मों को इस समय नमी की जरूरत होती है।
- सोयाबीन व मक्का: जिन किसानों की सोयाबीन की फसल पककर कटाई के योग्य हो चुकी है, उन्हें बारिश से थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कटाई के समय अधिक नमी फसलों में फफूंद या सड़न का कारण बन सकती है।
- किसान सलाह: कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में पानी के निकासी की उचित व्यवस्था रखें और कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें।
स्वास्थ्य पर असर: मौसमी बीमारियों का बढ़ा खतरा
मौसम में अचानक आ रहे इस बदलाव—कभी हल्की धूप, तो कभी बारिश और उमस—के कारण जनस्वास्थ्य पर भी इसका असर देखा जा रहा है। जिला अस्पताल सिवनी और निजी क्लीनिकों में इन दिनों मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
चिकित्सकों के अनुसार, जब न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहता है, तो यह स्थिति बैक्टीरिया और वायरस के पनपने के लिए अनुकूल होती है। इस समय विशेष रूप से निम्नलिखित स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है:
- वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम: दिन और रात के तापमान में अंतर तथा उमस के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है।
- डेंगू और मलेरिया: जगह-जगह रुके हुए पानी में मच्छरों का लारवा पनपने का खतरा रहता है।
- पेट संबंधी समस्याएं: दूषित पानी और नमी के कारण पाचन तंत्र संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को उबला हुआ पानी पीने, बासी भोजन से बचने और अपने आसपास जलजमाव न होने देने की अपील की है।
प्रशासन और नगर पालिका की तैयारियां
शहर में हल्की बारिश के बाद भी कई प्रमुख सड़कों और निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति देखी गई। यद्यपि 2.4 मिमी बारिश बहुत अधिक नहीं है, लेकिन नालियों की सही तरीके से सफाई न होने के कारण पानी की निकासी में बाधा उत्पन्न होती है।
नगर पालिका प्रशासन ने दावा किया है कि वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए मुख्य नालों की सफाई कराई गई है और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए वार्डों में फॉगिंग और एंटी-लारवा दवाइयों का छिड़काव शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा सिवनी का मौसम?
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत के ऊपर बने स्थानीय कम दबाव के क्षेत्र के कारण आने वाले 48 से 72 घंटों के दौरान सिवनी और आसपास के जिलों (छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला) में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है।
- वर्षा का पूर्वानुमान: जिले के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं।
- तापमान का रुख: अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
- उमस से राहत: यदि आने वाले दिनों में मध्यम या तेज बारिश होती है, तभी उमस और 30 डिग्री पर अटके पारे से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
22 सितंबर 2026 को दर्ज किए गए आंकड़े यह दर्शाते हैं कि सिवनी जिले में मानसूनी विदाई से पहले मौसम का मिला-जुला रूप देखने को मिल रहा है। 2.4 मिमी की सीमित बारिश ने भले ही जल स्रोतों या तापमान को बड़ा सहारा न दिया हो, लेकिन यह मौसम में नमी बनाए रखने के लिए काफी रही। अधिकतम तापमान का 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम का 23 डिग्री सेल्सियस रहना इस बात का संकेत है कि अभी पूरी तरह से ठंड की दस्तक में समय है। आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे बदलते मौसम के इस दौर में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और कृषि कार्यों में मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही निर्णय लें।