वॉशिंगटन: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन वीजा नियमों को और सख्त करने की तैयारी में है। अमेरिकी विदेश विभाग आने वाले हफ्तों में B1 और B2 वीजा धारकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की घोषणा कर सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, ऐसे 2 लाख तक विदेशी नागरिक कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं, जिन्होंने अमेरिका में प्रवेश के बाद शरण (Asylum) के लिए आवेदन किया है या आवेदन करने की प्रक्रिया में हैं।
अगर यह कार्रवाई इसी पैमाने पर लागू होती है, तो यह अमेरिकी इतिहास में एक साथ वीजा रद्द करने की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक होगी। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग ने प्रभावित होने वाले लोगों की आधिकारिक संख्या बताने से इनकार किया है और कहा है कि प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ सकती है।
किन लोगों के वीजा पर होगी कार्रवाई?
प्रस्तावित कार्रवाई मुख्य रूप से B1 और B2 वीजा धारकों से जुड़ी बताई जा रही है।
- B1 वीजा: आमतौर पर बिजनेस और व्यावसायिक यात्राओं के लिए जारी किया जाता है।
- B2 वीजा: पर्यटन, परिवार से मिलने या मेडिकल इलाज जैसी यात्राओं के लिए इस्तेमाल होता है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि कुछ विदेशी नागरिक इन वीजा के जरिए अमेरिका में अस्थायी यात्रा के उद्देश्य से दाखिल हुए, लेकिन बाद में वहां लंबे समय तक रहने के लिए Asylum का आवेदन कर दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, इसी तरह के मामलों में वीजा नियमों के उल्लंघन की समीक्षा की जा रही है।
अधिकारी बोले- टूरिस्ट बनकर आते हैं, फिर मांगते हैं शरण
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा है कि कुछ लोग कम अवधि के लिए पर्यटक या कारोबारी के तौर पर अमेरिका में प्रवेश करते हैं, लेकिन बाद में स्थायी रूप से रहने के लिए शरण का आवेदन करते हैं।
अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडो ने भी इसी मुद्दे पर चिंता जताई है। उनके मुताबिक, कुछ लोग टूरिस्ट या बिजनेस वीजा का इस्तेमाल अमेरिका आने के बाद वहां रहने के लिए asylum आवेदन करने के रास्ते के रूप में कर रहे हैं।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि Asylum व्यवस्था का इस्तेमाल इमिग्रेशन कानूनों से बचने के रास्ते के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए।
हालांकि, किसी व्यक्ति का शरण आवेदन करना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि उसने वीजा नियमों का उल्लंघन किया है। प्रत्येक मामले की परिस्थितियां और कानूनी स्थिति अलग हो सकती है।
क्या 2 लाख लोगों को तुरंत अमेरिका से निकाल दिया जाएगा?
नहीं। वीजा रद्द होना और अमेरिका से निर्वासन (Deportation) दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।
यदि किसी व्यक्ति का B1 या B2 वीजा रद्द किया जाता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसे उसी समय अमेरिका से बाहर निकाल दिया जाएगा।
जिन लोगों के Asylum applications लंबित हैं, उनकी इमिग्रेशन स्थिति अलग कानूनी प्रक्रिया के तहत तय हो सकती है। प्रस्तावित कार्रवाई मुख्य रूप से उनके मौजूदा बिजनेस या टूरिस्ट वीजा की वैधता को प्रभावित करेगी।
इसलिए “2 लाख लोगों को अमेरिका से निकाला जाएगा” कहना इस समय सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी वीजा रद्द किए जाने की संभावित कार्रवाई से संबंधित है।
अमेरिका ने अभी संख्या की पुष्टि नहीं की
अमेरिकी विदेश विभाग ने उन लोगों की निश्चित संख्या सार्वजनिक नहीं की है जिनके B1-B2 वीजा रद्द किए जा सकते हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ सकती है। इसलिए संभावित प्रभावित लोगों की संख्या में बदलाव भी हो सकता है।
यही वजह है कि 2 लाख का आंकड़ा संभावित संख्या के तौर पर देखा जाना चाहिए, अंतिम आधिकारिक आंकड़े के रूप में नहीं।
पिछले 18 महीनों में 1.75 लाख वीजा रद्द
अमेरिकी सरकार पहले से ही वीजा नियमों को सख्त कर रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछले 18 महीनों में करीब 1.75 लाख वीजा रद्द किए जा चुके हैं।
इन कार्रवाइयों में अपराध के आरोपी या दोषी लोग शामिल रहे हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे लोगों के वीजा पर भी कार्रवाई हुई है, जिन्होंने अमेरिकी नीतियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान दिए थे।
हालांकि, अलग-अलग मामलों में वीजा रद्द करने के आधार अलग हो सकते हैं।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में इमिग्रेशन नियम सख्त
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका ने इमिग्रेशन और वीजा नीति को पहले की तुलना में अधिक सख्त किया है।
वीजा प्रक्रिया में कई बदलाव किए गए हैं। इनमें कुछ आवेदकों से सोशल मीडिया संबंधी जानकारी लेना, कुछ देशों के नागरिकों के लिए वीजा प्रतिबंध और कुछ मामलों में वीजा बॉन्ड जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि वीजा व्यवस्था का इस्तेमाल अमेरिका में अनधिकृत रूप से लंबे समय तक रहने या इमिग्रेशन नियमों को दरकिनार करने के लिए नहीं होना चाहिए।
भारतीयों पर क्या पड़ेगा असर?
अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक, कारोबारी, छात्र और पेशेवर आते-जाते हैं। ऐसे में B1-B2 वीजा से जुड़ी किसी भी बड़ी नीति का भारतीय यात्रियों पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि, फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित कार्रवाई में कितने भारतीय नागरिक शामिल होंगे।
इसलिए भारतीय वीजा धारकों को लेकर किसी निश्चित संख्या या प्रभाव का दावा करना अभी जल्दबाजी होगा।
B1-B2 वीजा धारकों को क्या समझना चाहिए?
अगर अमेरिकी सरकार प्रस्तावित कार्रवाई लागू करती है, तो B1-B2 वीजा धारकों के लिए अपनी इमिग्रेशन स्थिति को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी।
खास तौर पर उन लोगों के लिए स्थिति महत्वपूर्ण हो सकती है जिन्होंने अमेरिका में प्रवेश करने के बाद asylum के लिए आवेदन किया है या जिनका आवेदन लंबित है।
वीजा रद्द होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की अमेरिका में मौजूदा कानूनी स्थिति, यात्रा अधिकार और भविष्य की वीजा पात्रता अलग-अलग नियमों के तहत प्रभावित हो सकती है।
अमेरिका की नई वीजा नीति का बड़ा संदेश
ट्रंप प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई से साफ है कि अमेरिका अब टूरिस्ट और बिजनेस वीजा के इस्तेमाल तथा बाद में asylum आवेदन करने के मामलों की ज्यादा कड़ाई से समीक्षा करना चाहता है।
हालांकि, 2 लाख तक वीजा रद्द करने का आंकड़ा अभी संभावित है और अमेरिकी विदेश विभाग ने इसकी अंतिम पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस मामले में आगे आने वाली आधिकारिक घोषणा महत्वपूर्ण होगी।
अमेरिका में B1-B2 वीजा धारकों पर संभावित बड़ी कार्रवाई को लेकर दुनिया भर में चर्चा शुरू हो गई है। संभावित रूप से 2 लाख तक लोग प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन यह संख्या अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वीजा रद्द होना अपने आप में तत्काल निर्वासन नहीं है। जिन लोगों के asylum मामले लंबित हैं, उनकी स्थिति अलग इमिग्रेशन प्रक्रिया के तहत तय होगी।

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