(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)। गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल ने 2023 में सहायक प्राध्यापक का पद निकाला था। चयनित डॉक्टर ने जॉइन करने के तीन महीने बाद इस्तीफा दे दिया। वेटिंग लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहे डॉक्टर ने नियुक्ति की मांग की। कॉलेज ने वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति देने के बजाय नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया। अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने नई नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगाकर जवाब मांगा है। यह मामला मध्य प्रदेश के गांधी मेडिकल कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के पद पर चयनित डॉक्टर के इस्तीफे से जुड़ा है। डॉक्टर ने नौकरी जॉइन करने के तीन महीने बाद इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वेटिंग लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहे डॉक्टर ने नियुक्ति की मांग की थी। लेकिन कॉलेज ने वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति देने के बजाय नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने नई नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगाकर जवाब मांगा है।
मामले की पृष्ठभूमि
गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल ने 2023 में सहायक प्राध्यापक का पद निकाला था। चयनित डॉक्टर ने जॉइन करने के तीन महीने बाद इस्तीफा दे दिया।
वेटिंग लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहे डॉक्टर ने नियुक्ति की मांग की। लेकिन कॉलेज ने वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति देने के बजाय नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया। मध्य प्रदेश की खबरें.
हाई कोर्ट का फैसला
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने नई नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगाकर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि वेटिंग लिस्ट का मकसद साफ होता है। अगर चयनित उम्मीदवार नौकरी नहीं करता या बीच में पद छोड़ देता है, तब वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवार को मौका मिल सकता है।
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मामले के मुख्य बिंदु
गांधी मेडिकल कॉलेज ने 10 अप्रैल 2023 को भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया था। अगले दिन संशोधित नोटिफिकेशन निकला। इसमें एनेस्थीसिया विभाग में सहायक प्राध्यापक का एक पद जोड़ा गया।
- गांधी मेडिकल कॉलेज ने 10 अप्रैल 2023 को भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया था।
- चयनित डॉक्टर ने जॉइन करने के तीन महीने बाद इस्तीफा दे दिया।
- वेटिंग लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहे डॉक्टर ने नियुक्ति की मांग की।
मामले का भविष्य
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद यह मामला और भी जटिल हो गया है। कोर्ट ने नई नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगाकर जवाब मांगा है।
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