(ब्यूरो कार्यालय)
रीवा (साई)। रीवा जिले में पाठ्य पुस्तक निगम के गोदाम से बड़ी तादाद में किताबें गायब होने का मामला सामने आया है। इसमें लगभग 35 से 36 लाख किताबें शामिल हैं और इनकी कीमत एक करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है। यह खबर सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग ने इस मामले में चोरहटा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किताबें कब और कैसे गोदाम से बाहर गईं। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
किताबें गायब होने का मामला
रीवा जिले में पाठ्य पुस्तक निगम के गोदाम से बड़ी तादाद में किताबें गायब होने का मामला सामने आया है।
इसमें लगभग 35 से 36 लाख किताबें शामिल हैं और इनकी कीमत एक करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है।
विभाग में हड़कंप
यह खबर सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
विभाग ने इस मामले में चोरहटा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
book scam की जांच
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किताबें कब और कैसे गोदाम से बाहर गईं।
कार्रवाई की तैयारी
इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। आप शिक्षा समाचार के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं और उत्तर प्रदेश समाचार के बारे में जान सकते हैं। इसके अलावा रीवा समाचार के लिए भी आप हमारी वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों से सक्रिय हैं, मूलतः वास्तु इंजीनियर एवं लेण्ड जेनेटिक्स पर अभूतपूर्व कार्यों के लिए पहचाने जाते हैं. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सहयोगी हैं.
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





