मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, अफसरों की फिजूलखर्ची पर लगेगी रोक

(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)। 
मध्यप्रदेश सरकार ने अफसरों के खर्चों पर बड़ी सख्ती दिखाई है, अब अफसर सिर्फ इकोनॉमी क्लास में हवाई सफर करेंगे, सरकारी बैठकें और ट्रेनिंग फाइव स्टार होटलों में नहीं होंगी, यह फैसला राज्य के कमजोर वित्तीय हालात को देखकर लिया गया है, नए नियम अगले दो वित्तीय वर्षों तक लागू रहेंगे, इसके अलावा विभागाध्यक्ष, संभाग आयुक्त और कलेक्टर भी दायरे में आते हैं, सार्वजनिक उपक्रमों को भी इन नियमों का पालन करना होगा, सरकारी विभागों की वर्कशॉप और ट्रेनिंग अब महंगे होटलों में नहीं होंगी, इसके बजाय यह काम सरकारी भवनों में ही किया जाएगा, जहां संभव होगा, वहां अफसरों को वर्चुअल प्रशिक्षण और वेबिनार से जोड़ा जाएगा

नए नियमों का उद्देश्य

मध्यप्रदेश सरकार ने अफसरों के खर्चों पर बड़ी सख्ती दिखाई है, अब अफसर सिर्फ इकोनॉमी क्लास में हवाई सफर करेंगे

सरकारी बैठकें और ट्रेनिंग फाइव स्टार होटलों में नहीं होंगी, यह फैसला राज्य के कमजोर वित्तीय हालात को देखकर लिया गया है

वित्तीय स्थिति का प्रभाव

राज्य की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है, इसी वजह से फिजूलखर्ची में कटौती जरूरी हो गई है

विभागाध्यक्षों को कहा गया है कि वे इन खर्चों की नियमित समीक्षा करें, इससे यह सुनिश्चित होगा कि नियमों का पालन सही तरीके से हो रहा है

government spending पर रोक

सरकार ने निगम, मंडल और उपक्रमों को भी निर्देश दिए हैं, इन्हें अपनी अधिकतम योग्य लाभांश राशि जल्द से जल्द राज्य सरकार के खाते में जमा करानी होगी

  • अफसरों की विदेश यात्रा पर रोक
  • बिजनेस क्लास सफर पर रोक
  • होटल मीटिंग पर रोक
  • वर्चुअल प्रशिक्षण और वेबिनार को बढ़ावा
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नए नियमों का भविष्य

आने वाले दो सालों में सरकार इस पर सख्ती से नजर रखेगी, इससे यह भी साफ होता है कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी

सरकार के इस फैसले से मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, आप मध्यप्रदेश समाचार और भारतीय अर्थव्यवस्था पर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं