(ब्यूरो कार्यालय)
पीथमपुर (साई)। प्रॉपर्टी कारोबारी मनोज मंडलोई ने आत्महत्या कर ली। उनके सुसाइड नोट में भाजपा नेता उमेश गुप्ता और प्रॉपर्टी कारोबारी राम खंडेलवाल का नाम है। मनोज का आरोप है कि उन्होंने प्रॉपर्टी डील में उनसे पैसे लिए थे लेकिन वापस नहीं किए। इसी वजह से वह मानसिक तनाव में थे। मनोज के परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार पैसे मांगे थे लेकिन नहीं मिले।
सुसाइड नोट में क्या लिखा है
मनोज मंडलोई के सुसाइड नोट में लिखा है कि उन्होंने उमेश गुप्ता के साथ प्रॉपर्टी कारोबार में सात करोड़ 50 लाख रुपए का लेनदेन किया था। इसमें से 3 करोड़ 50 लाख रुपए मिल चुके थे। बाकी रकम नहीं मिली ऐसा नोट में लिखा है।
मनोज ने राम खंडेलवाल पर भी आरोप लगाया है। नोट के अनुसार उनसे एक करोड़ 20 लाख रुपए लेने थे। यह रकम भी वापस नहीं मिली थी।
परिवार का बयान
मनोज के परिवार का कहना है कि उन्होंने बिचौली इलाके में जमीन का सौदा कराने के लिए रुपए जुटाए थे। ये रुपए उन्होंने अलग-अलग लोगों से ब्याज पर उधार लिए थे।
परिवार का कहना है कि मनोज पिछले तीन साल से अपनी रकम वापस मांग रहा था। लगातार चक्कर लगाने के बावजूद उसे पैसे नहीं मिले। इससे वह मानसिक रूप से टूटता चला गया।
प्रॉपर्टी बिजनेस और सुसाइड
प्रॉपर्टी बिजनेस में अक्सर पैसों का लेनदेन होता है। लेकिन जब यह लेनदेन समय पर नहीं होता है तो यह मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। प्रॉपर्टी बिजनेस में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां पैसों के लेनदेन में देरी होने से लोगों ने आत्महत्या कर ली।
इस मामले में भी मनोज मंडलोई ने आत्महत्या कर ली। उनके सुसाइड नोट में भाजपा नेता उमेश गुप्ता और प्रॉपर्टी कारोबारी राम खंडेलवाल का नाम है।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि они सुसाइड नोट की जांच कर रहे हैं और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
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