वर्कशॉप को बनाया जा सकता है मुख्य बस स्टैण्ड!

 

 

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एक तरफ से आयें यात्री बस दूसरी ओर से करें प्रस्थान

(लिमटी खरे)

सिवनी (साई)। शहर के निवासियों के लिये सालों से सरकारी बस स्टैण्ड को व्यवस्थित किये जाने की कवायद तो होती रही पर नागरिकों से यह कभी नहीं पूछा गया कि यात्री बस स्टैण्ड को व्यवस्थित करने के लिये नागरिकों के पास कोई कार्ययोजना है! अगर नागरिकों से सुझाव माँगकर बस स्टैण्ड को व्यवस्थित करने का प्रयास किया जाता तो आज बस स्टैण्ड की तस्वीर और कुछ होती।

सरकारी बस स्टैण्ड के पास जितना भूखण्ड है वह वर्तमान में यात्री बस की तादाद को देखते हुए पर्याप्त माना जा सकता था। सरकारी बस स्टैण्ड में अगर अवैध रूप से चलने वाली यात्री बस का प्रवेश बंद करवा दिया जाये तो समस्या को काफी हद तक हल भी किया जा सकता है।

सरकारी बस स्टैण्ड के दक्षिणी हिस्से में एक प्याऊ हुआ करती थी जो दो तीन दशकों से कहाँ गायब हो चुकी है यह शोध का ही विषय माना जायेगा। इस प्याऊ के बाजू में विवेकानंद पुस्तक भण्डार और अतहर बुक स्टाल अस्तित्व में हैं। प्रशासन के द्वारा अगर इन दोनों ही पुस्तकों की दुकानों को बस स्टैण्ड के किसी हिस्से में पक्की दुकानें बनवाकर आवंटित कर दिया जाये और इस स्थान से यात्री बसों को गुजारते हुए पीछे बने वर्कशॉप में ले जाया जाये तो समस्या का निदान हो सकता है।

इसके साथ ही वर्कशॉप वाले हिस्से में बने पक्के शेड का रंग रोगन करवाया जाकर वहाँ यात्रियों के बैठने के लिये कुर्सियां लगवायी जायें, प्याऊ, कैंटीन आदि की व्यवस्था कर दी जाये तो पीछे के हिस्से में एक बहुत ही अच्छा बस स्टैण्ड संचालित हो सकता है। चूँकि वाहनों में टिकिट बुकिंग का काम एजेंट्स के द्वारा बस के आसपास ही किया जाता है इसलिये टिकिट काउंटर के लिये पृथक से व्यवस्था शायद यहाँ न करना पड़े।

अगर प्रशासन के द्वारा यह किया जाता है तो वर्तमान में बस स्टैण्ड के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से में यात्री बस की मचने वाली रेलम पेल पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके साथ ही सभी दिशाओं में जाने वाली यात्री बस को बस स्टैण्ड के उत्तरी हिस्से (सोहाने पेट्रोल पंप के बाजू से) निकालकर मॉडल रोड पर लाया जा सकता है।

इसके लिये प्रशासन को चाहिये कि वर्कशॉप वाले स्थान पर बने पुराने भण्डार आदि के जर्जर भवनों को जमींदोज कर मैदान को और चौड़ा कर दिया जाये। इस हिस्से के झिरिया वाले सिरे पर भी दीवार को अगर तोड़कर वहाँ मुंगवानी मार्ग के लिये निकासी का द्वारा बना दिया जाये तो मॉडल रोड पर यात्री बस का दबाव भी कम किया जा सकता है।

लोगों का कहना है कि सिवनी के निवासियों की सुविधा के लिये प्रशासन के द्वारा कदम तो उठाये जाते हैं पर इसमें नागरिकों के सुझावों को न लिये जाने से प्रशासन के आला अधिकारियों के द्वारा उसी रंग के चश्मे से व्यवस्थाओं को देखा जाता है जिस रंग का चश्मा विभाग के अधिकारियों के द्वारा उन्हें लगा दिया जाता है।

(क्रमशः जारी)

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