शुक्रदेव कर रहे मकर राशि में गमन

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। ज्योतिष के प्रमुख ग्रहों में से एक व राक्षस गुरु शुक्र 24 फरवरी को धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। शुक्र का ये परिवर्तन कई मायनों में बहुत ही खास होने जा रहा है। यह परिवर्तन हर किसी को प्रभावित करेगा।

एक ओर जहां ये परिवर्तन कुछ राशियों को जोरदार लाभ देगा, वहीं कुछ के सामने बड़ी परेशानियां भी खड़ी करेगा, जबकि अन्य के लिये ये पूरी तरह से तख्तापलट कारक रहेगा। इससे पहले शुक्र ग्रह ने 29 जनवरी 2019 को वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश किया था और अब इससे निकल कर 24 फरवरी को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में शुक्र भाग्य का कारक ग्रह माना गया है।

इस संबंध में ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि शुक्र अब तक धनु राशि में हैं, जो कि बृहस्पति की राशि है। वहीं इसके ठीक बाद यानि 24 फरवरी को ये मकर राशि यानि शनि की राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। और ये सर्वविदित है कि शनि और शुक्र महायोग का निर्माण करते हैं। ऐसे में इनकी आपसी दोस्ती जहां कुछ लोगों को फर्श से अर्श तक के दर्शन करायेगी, वहीं कुछ के लिये ये समय काफी कष्ट कारक भी हो जायेगा।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह जन्म कुंडली में स्थित 12 भावों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालता है। इसे यानि शुक्र को एक शुभ ग्रह माना गया है, परंतु यदि शुक्र कुंडली में मजबूत होता है तो जातकों को इसके अच्छे परिणाम मिलते हैं जबकि कमज़ोर होने पर यह अशुभ फल देता है।

वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को एक शुभ ग्रह माना गया है। इसके प्रभाव से व्यक्ति को भौतिक, शारीरिक और वैवाहिक सुखों की प्राप्ति होती है। इसलिये ज्योतिष में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शौहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम वासना और फैशन डिजाइनिंग आदि का कारक माना जाता है।

शुक्र वृषभ और तुला राशि का स्वामी होता है और मीन इसकी उच्च राशि है, जबकि कन्या इसकी नीच राशि कहलाती है। शुक्र को 27 नक्षत्रों में से भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। ग्रहों में बुध और शनि ग्रह शुक्र के मित्र ग्रह हैं और सूर्य व चंद्रमा इसके शत्रु ग्रह माने जाते हैं।

शुक्र के प्रभाव : मान्यता के अनुसार मजबूत शुक्र व्यक्ति के वैवाहिक जीवन को सुखी बनाता है। यह पति-पत्नि के बीच प्रेम की भावना को बढ़ाता है। वहीं प्रेम करने वाले जातकों के जीवन में रोमांस में वृद्धि करता है।

जिस व्यक्ति की कुंडली में शुक्र मजबूत स्थिति में होता है वह व्यक्ति जीवन में भौतिक सुखों का आनंद लेता है। बली शुक्र के कारण व्यक्ति साहित्य एवं कला में रुचि लेता है।

वहीं इसके ठीक विपरीत पीड़ित शुक्र के कारण व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में परेशानियां आती हैं। पति-पत्नि के बीच मतभेद होते हैं। व्यक्ति के जीवन में दरिद्रता आती है और वह भौतिक सुखों के अभाव में जीता है। यदि जन्म कुंडली में शुक्र कमज़ोर होता है तो जातक को कई प्रकार की शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। पीड़ित शुक्र के प्रभाव से बचने के लिये जातकों को शुक्र ग्रह के उपाय करने चाहिए।

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