स्वच्छता के फ्लेक्स के नीचे ही . . .

बोर्ड लगाने से नहीं होगी स्वच्छता, सार्वजनिक मूत्रालयों की है आवश्यकता

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिला मुख्यालय में सार्वजनिक मूत्रालयों के अभाव के कारण लोग सड़क किनारे ही लघुशंका करने पर मजबूर हैं। जहाँ स्थायी या अस्थायी सार्वजनिक मूत्रालयों को बनाया और रखा गया है वे गंदगी से इस कदर बजबजा रहे हैं कि लोग उनके पास जाने से भी कतराते नजर आते हैं।

केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा पूरे देश में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है इसके लिये स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2018 के अंतर्गत बड़े-बडे फ्लेक्स भी लगाये गये हैं और इन फ्लेक्सों में नारा दिया गया है कि अपने गाँव और जिले को दिलायें सम्मान स्वच्छता में देकर अपना योगदान। इस नारे के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है लेकिन ठीक इसके विपरीत इन बैनर पोस्टरों के पीछे जानवर से लेकर आमजन तक लघुशंका करते नजर आते हैं।

लोगों का कहना है कि इसका कारण यह है कि आमजनों की सुविधा के लिये सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय एवं मूत्रालय की व्यवस्था ही नहीं है जिसके कारण मजबूर होकर लोगों को खाली स्थान देखकर ही लघुशंका से निवृत्त होने पर मजबूर होना पड़ता है।

गौरतलब है कि तिकोना पार्क से कलेक्ट्रेट की ओर जाने वाले मार्ग पर अक्सर ग्रामीणजन आते हैं और इसी स्वच्छता के लगाये गये बोर्ड के नीचे उनकी दिनचर्या के महत्वपूर्ण कार्य निपटते हैं। यहाँ तक कि आवारा जानवर भी यहाँ पर आकर झुण्ड में घूमते रहते हैं लेकिन इस व्यवस्था को सुधारने की दिशा में नगर पालिका अध्यक्ष एवं जिला प्रशासन द्वारा कदम न उठाया जाना स्वच्छता अभियान का सरेआम मजाक ही उड़ाना प्रतीत होता है।

इसके अलावा जहाँ – जहाँ पालिका के द्वारा स्थायी मूत्रालय बनाये गये हैं और जहाँ अस्थायी तौर पर मूत्रालय रखे गये हैं, वे गंदगी से इस तरह बजबजा रहे हैं कि लोग इनके आसपास जाने से ही कतराते नजर आते हैं। लोगों का कहना है कि इन मूत्रालयों की साफ – सफाई नियमित तौर पर नहीं की जाती है और न ही यहाँ नियमित तौर पर फिनायल और अन्य रसायनों को ही डालकर इन्हें स्वच्छ करने का प्रयास किया जाता है।

 

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