शालाओं के पास धड़ल्ले से बिक रहे तंबाकू उत्पाद!

 

ढाई साल में पान दुकानें नहीं हटवा पाया शिक्षा विभाग

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। राज्य सरकार के फरमानों को मैदानी अफरान किस तरह हवा में उड़ा देते हैं इसकी एक बानगी है शालाओं के आसपास तंबाकू उत्पादों का विक्रय रोकने का आदेश। वर्ष 2015 में मई माह में जारी आदेश का पालन लगभग ढाई साल बाद भी सिवनी में नहीं किया जा सका है।

जिले में पिछले कुछ सालों से राज्य स्तर के फरमानों को किस तरह धता बताते हुए कचरे के डिब्बे के हवाले किया जाता रहा है इसकी एक बानगी है यह आदेश। चूँकि यह आदेश विद्यार्थियों एवं समाज के हित में था इसलिये इस आदेश को भाजपा या काँग्रेस की सरकार के आदेश से जोड़कर देखने की बजाय कम से कम अब इस आदेश का पालन सुनिश्चित करवाया जाना चाहिये।

ज्ञातव्य है कि राज्य शासन ने प्रदेश के सभी हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में तंबाकू प्रतिबंधित होने संबंधी साइन बोर्ड लगवाने के निर्देश दिये थे। स्कूल के अंदर सभी तल एवं मुख्य संस्थान पर जो साइन बोर्ड प्रदर्शित किये जायेंगे, उसमें इंगित होगा कि धूम्रपान एवं तंबाकू का सेवन प्रतिबंधित है।

इसके तहत स्कूल के प्रवेश द्वार के बाहर भी तंबाकू मुक्त शिक्षा संस्थान की घोषणा प्रदर्शित करना था। घोषणा में जिक्र होना था कि इस शिक्षा संस्थान की 100 गज की परिधि के अंदर किसी क्षेत्र में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद का विक्रय कड़ाई पूर्वक निषिद्ध है। इसका विक्रय होना 200 रुपये जुर्माने के साथ एक दण्डनीय अपराध है।

उल्लेखनीय होगा कि इस संबंध में प्राचार्य द्वारा भी घोषणा – पत्र पर हस्ताक्षर कर छायाचित्र सहित जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा जाना था, जिसमें वे स्कूल का नाम, पता, पिनकोड के साथ घोषणा करेंगे कि तंबाकू के किसी उत्पाद का सेवन नहीं किया जा रहा है। स्कूल में किसी भी रूप में तंबाकू का कोई उत्पाद उपलब्ध नहीं है।

इस संबंध में शासन ने स्कूल शिक्षा के सभी संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई 2015 के पहले कार्यवाही सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिये थे। जिले की जानकारी संकलित कर लोक शिक्षण संचालनालय को भेजने को कहा गया था।

वैसे बच्चों को तंबाकू की पहुँच से दूर रखने के लिये तंबाकू नियंत्रण अधिनियम एवं सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादन अधिनियम में शिक्षा संस्थानों को तंबाकू मुक्त करने की व्यवस्था है। अधिनियमों के अनुसार शिक्षण संस्थान सहित समस्त सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान एवं अवयस्कों को तथा अवयस्कों द्वारा तंबाकू पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध है। अधिनियम के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध एवं संस्था के बाहर बोर्ड पर घोषणा प्रदर्शित करना होगी। इसका पालन नहीं किये जाने पर 200 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

इस आदेश के लगभग ढाई साल बाद भी शिक्षा विभाग इस मामले में मौन ही साधे बैठा है। शहर में महारानी बाई लक्ष्मी कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, मिशन उच्चतर माध्यमिक शाला, महात्मा गाँधी स्कूल, मॉर्डन हाई स्कूल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, तिलक स्कूल, मठ कन्या शाला, हिन्दी मेनबोर्ड स्कूल सहित अनेक निजि और सरकारी शालाओं के सौ तो क्या पचास गज की परिधि में ही सिगरेट और तंबाकू उत्पादों को बिकते देखा जा सकता है।

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