ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग हुआ प्रतिबंधित

 

 

परीक्षाओं के मद्देनजर जिला कलेक्टर ने दिये आदेश

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। वर्तमान समय में परीक्षाओं के मद्देनजर जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच ने संपूर्ण सिवनी जिले मे कोलाहल पर प्रभावी नियंत्रण हेतु मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 में वर्णित शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभी प्रकार के कोलाहल पर प्रतिबंध लगा दिया है।

बुधवार को जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 04, 05 एवं 06 अंतर्गत जो प्रतिबंध लगाये गये हैं उनमें धारा 04 के तहत प्रतिदिन रात्रि 10 बजे से प्रातः 06 बजे के मध्य स्टीरियो, टेप, डेस्क, डी.जे रिकॉर्ड प्लेयर, घरेलू वाद्य यंत्रों, उपकरणों या सिनेमा अथवा अन्य विज्ञापनों के लिये लाउड स्पीकर जैसे उच्च ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग न तो किया जायेगा और न ही करवाया जायेगा।

इसी प्रकार धारा 05 अंतर्गत किसी लोक स्थान या खुले स्थान, कोई सड़क या मार्ग, दुकानें, होटल, उपहार गृह में ट्रांजिस्टर, रिकॉर्ड प्लेयर, टेप स्टीरियों से तीव्र संगीत नहीं चलाया या चलवाया नहीं जायेगा और न ही कोई विद्युत या यांत्रिक भोपू (हॉर्न) को ऊँची आवाज में बजायेगा।

विज्ञप्ति के अनुसार धारा 06 अंतर्गत किसी भी शैक्षणिक संस्था, छात्रावास अथवा छात्रों के अध्ययनरत किसी भवनों से 200 मीटर की दूरी के भीतर उक्त वर्णित ध्वनि विस्तारक पूर्णत प्रतिबंधित रहेंगे।

उपरोक्त अधिनियम की धारा 13 (1) एवं (2) के तहत राष्ट्रीय और सामाजिक समारोहों तथा धार्मिक उत्सवों के अवसरों को तथा धार्मिक स्थानों तथा परिसरों पर छूट होने पर संबंधित क्षेत्र के विहित प्राधिकारी,संबंधित थाना के माध्यम से लिखित आवेदन पर, निर्धारित कालावधि के लिये केवल 1/4 वॉल्यूम पर उपबंधों से छूट दी जा सकेगी।

उपबंधों के उल्लंघन करने या उल्लंघन का प्रयत्न करने या दुष्प्रेरण करने पर 06 माह तक के कारावास या 1000 रूपये जुर्माना दोनों से दण्डित किया जायेगा। इसके पश्चात पुनः अपराध करने पर प्रथम दोषसिद्धि पर दोगुने दण्ड से दण्डनीय होगा। आदेश तत्काल प्रभावशील होगा जो 31 मई तक सिवनी जिले की संपूर्ण सीमा क्षेत्र में लागू रहेगा।

लोगों का कहना है कि इस आदेश का पालन सुनिश्चित अवश्य कराया जाये, क्योंकि जिला प्रशासन के द्वारा अब तक जारी किये गये प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन सुनिश्चित करवाने की किसी को भी परवाह नहीं रहती है। शहर में दिन रात तेज आवाज वाले साईलेंसर की आवाजें और कर्कश ध्वनि वाले हॉर्न लोगों के चैन में खलल उत्पन्न कर रहे हैं।

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