दिखने लगा कलेक्टर की सक्रियता का असर

 

 

जिला शिक्षा अधिकारी भी उतरे मैदान में

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिला कलेक्टर अगर मुस्तैदी के साथ काम करें तो अधीनस्थ अधिकारी भी पूरी मुस्तैदी के साथ काम करते दिख जाते हैं। सालों बाद जिले में प्रशासनिक कसावट महसूस की जाने लगी है। इसके पहले जिला कलेक्टर्स के द्वारा सिर्फ और सिर्फ कड़े निर्देश या फटकार से ही काम चलाया जाता रहा है, जिससे मैदानी अधिकारियों की कार्यप्रणाली शिथिल ही प्रतीत होती रही है।

ज्ञातव्य है कि जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के द्वारा अपने औचक निरीक्षणों में अनुपस्थित पाये जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिये जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी एस.पी. लाल भी हरकत में नजर आ रहे हैं। इसके पहले जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा औचक निरीक्षण या कठोर कार्यवाहियां नहीं की जाती रही हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के मैदानी इलाकों में सक्रिय होते ही अब जिला शिक्षा अधिकारी ने भी कार्यालय का मोह छोड़कर शालाओं का निरीक्षण आरंभ कर दिया है।

सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा भोंगाखेड़ा स्थित हाई स्कूल का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान शाला की प्राचार्य श्रीमति स्नेहलता ऊईके ही बिना अनुमति के दो दिन के अवकाश पर अनुपस्थित पायी गयीं। डीईओ ने उनका दो दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है।

सूत्रों की मानें तो जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा इसके उपरांत बण्डोल की शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया गया। इस शाला के प्राचार्य शीतल प्रसाद सरेयाम भी अनुपस्थित मिले। ग्रामीण अंचलों में शालाओं में किस तरह से अध्ययन अध्यापन कार्य कराया जा रहा है इसकी बानगी शायद डीईओ को निरीक्षण के दौरान देखने को मिली होगी।

सूत्रों ने कहा कि इस शाला में व्याख्याता रमेश प्रसाद मालवीय, वरिष्ठ अध्यापिका श्वेता सिंह, अध्यापक श्रीमति ममता बिसेन, सहायक अध्यापक (पीटीआई) अनिल पाटिल एवं सहायक ग्रेड 03 यशवंत डेहरिया भी अनुपस्थित पाये गये। सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश डीईओ के द्वारा दिये गये।

सूत्रों ने बताया कि हाई हाई स्कूल भोंगाखेड़ा के अध्यापक मुरलीधर राहंगडाले एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की अध्यापक श्रीमति जयश्री दास द्वारा उनके द्वारा पढ़ाये जाने वाले गणित विषय की अभ्यास पुस्तिकाएं उचित तरीके से नहीं जाँची गयी। विद्यार्थियों द्वारा की गयी गलतियों को चेक न कर उस पर भी टिक लगा दिया गया है। इसके कारण इन दोनों अध्यापकों की एक-एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किये गये हैं।

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