परमधर्म आदेश के परिपालन में किया गया शिला पूजन

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। स्थानीय कपीश्वर मंदिर में मंगलवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतीकात्मक रूप से शिला पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ।

राम जन्मभूमि में मंदिर निर्माण हेतु शिलान्यास में सहभागी होने का पुण्य लाभ अर्जित करने का अवसर सिवनी के निवासियों को द्विपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती महाराज द्वारा दिया गया है। सिवनी से बड़ी संख्या में राम भक्त 21 फरवरी को अयोध्या पहुँचेंगे।

उक्त आशय का संकल्प मंगलवार को हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित कपीश्वर हनुमान मंदिन में आयोजित शिला पूजन कार्यक्रम में व्यक्त किया गया। पंडित महेश प्रसाद तिवारी की उपस्थिति में संपन्न इस कार्यक्रम में कपिश्वर मंदिर में सामूहिक शंखनाद के साथ भगवान राम जानकी, पवन सुत हनुमान सहित सभी देवी देवताओं का आव्हान कर पूजन अर्चन वंदन किया गया।

इसके उपरांत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, आरती के पश्चात प्रतीकात्मक जया, पूर्णा, नंदा एवं भद्रा नामक शिलाओं का पूजन किया गया। विद्वान आचार्य पंडित उपेंद्र तिवारी, भूपेंद्र तिवारी एवं पंडित संतोष तिवारी के आचार्यतव में पूजन विधि विधान से संपन्न हुई।

इस अवसर पर उपस्थित सैकड़ों सनातन धर्मी, गुरु भक्तों,, श्रद्धालुओं की बृहद बैठक में जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज द्वारा दिये गये धर्मादेश का स्वागत और समर्थन व्यक्त किया गया। बैठक को पंडित महेश प्रसाद तिवारी, हिंगलाज सेना महासचिव श्रीराम बघेल, आशा देवी सनोडिया, पंडित अजय मिश्रा, पंडित ओम प्रकाश तिवारी, पंडित अविनाश तिवारी, पंडित विजय तिवारी, एडवोकेट जयदीप बैस, अश्वनी मिश्रा, अतुल मोदी, सूर्यकांत त्रिपाठी आदि ने अपने संयुक्तउद्बोधन में कहा कि सिवनी के निवासियों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि सिवनी में अवतरित दो वैदिक पीठों के शंकराचार्य महाराजश्री के शुभ हस्ते राम जन्म भूमि में 21 फरवरी को शिलान्यास किया जाना प्रस्तावित है।

राम मंदिर हेतु शिलान्यास के उद्देश्य से 18 फरवरी को प्रयाग से अयोध्या राम आग्रह यात्रा प्रारंभ होगी। भारतवर्ष के वर्तमान में वरिष्ठतम सन्यासी महाराजश्री अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हेतु अनेक वर्षों से प्रयत्नशील हैं। तत्कालीन धर्म सम्राट करपात्रीजी महाराज द्वारा गठित राम राज्य परिषद के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने राम जन्मभूमि मुक्ति का विषय प्राथमिकता से रखा था।

जगतगुरू शंकराचार्य महाराज के सानिध्य में 03 जून 1989 को राम मंदिर भूमि के विषय में विराट साधु सम्मेलन में संकल्प पारित किया गया। 30 अप्रैल 1990 को महाराजश्री ने बनारस से शिला लेकर अयोध्या कूच किया था।गाजीपुर होते हुए आजमगढ़ पहुँचने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया किंतु 09 मई को पुलिस कमिश्नर ने क्षमा याचना करते हुए महाराजश्री को ससम्मान रिहा कर दिया था।

इसके पश्चात राजस्थान के दो हजारी बालाजी धाम में 26 अक्टूबर 1993 को राम मंदिर निर्माण हेतु कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की कलाकृति का निर्धारण किया गया। महाराजश्री ने दिसंबर 1993 को प्रयाग राज से दशरथ कौशल्या रथ यात्रा निकाली थी। लखनऊ हाई कोर्ट में राम जन्म भूमि के विवादित प्रकरण में महाराजश्री ने अपने वकीलों के माध्यम से धार्मिक और ऐतिहासिक तथ्य और प्रमाण को रखा।

उनके द्वारा प्रस्तुत तथ्य के आधार पर ही उच्च न्यायालय ने विवादित भूमि को राम जन्मभूमि होने का निर्णय दिया था। इस निर्णय के पश्चात राम जन्मभूमि का मामला अब विगत 08 वर्षों से सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित है। न्याय प्रक्रिया में शीघ्र निर्णय की अपेक्षा धूमिल होने पर महाराजश्री ने 28, 29 एवं 30 जनवरी को प्रयाग के अर्द्ध कुंभ में परम धर्म संसद का आव्हान किया था।

परम धर्म संसद में पारित प्रस्ताव के अनुरूप रामा ग्रह यात्रा प्रारंभ कर 21 फरवरी को अयोध्या में शिलान्यास करने का निर्णय लिया गया है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के इस कार्य में देशभर के लाखों राम भक्तों के साथ ही सिवनी से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने 18 फरवरी को प्रयाग राज होते हुए रामा ग्रह यात्रा में शामिल होने का संकल्प व्यक्त किया है।

अयोध्या राम आग्रह यात्रा में सिवनी जिले से अनेक श्रद्धालुओं से अपील की गयी है कि इस हेतु इच्छुक राम भक्त यात्रा व्यवस्था प्रभारी पंडित अजय मिश्रा से मोबाईल नंबर 94258 43511, श्रीराम बघेल से मोबाईल नंबर 95751 05888 या अश्वनी मिश्रा से मोबाईल नंबर 94243 63326 से पूरी जानकारी प्राप्त कर अपना नाम लिखा सकते हैं, इनके साथ ही उक्त संबंध में या अतुल मोदी से भी संपर्क किया जा सकता है। समुचित वाहन व्यवस्था की दृष्टि से यात्रा हेतु इच्छुक भक्तों से शुक्रवार 15 फरवरी तक आवश्यक रूप से अपने नाम दर्ज कराने की अपील की गयी है।

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