संघ ने दिया 78 वर्तमान विधायकों का टिकिट काटने का सुझाव!

 

सिवनी जिला भी है संघ के राडार पर!

(लिमटी खरे)

सिवनी (साई)। प्रदेश में चुनावों में अब छः सप्ताह से भी कम समय बचा है, इसी बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के द्वारा भाजपा के शीर्ष नेत्तृत्व को दिये गये सुझावों ने भाजपा के आला नेताओं की पेशानी पर पसीने की बूंदें छलका दी हैं। इन सुझावों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी सीट बदलने की नसीहत दी गयी है।

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि चुनावों के पहले भाजपा के नेताओं के द्वारा सभी 230 विधान सभाओं में अपने – अपने स्तर पर सर्वेक्षण करवाया गया है। इसके अलावा संघ के द्वारा भी भाजपा की चौथी पारी के लिये अपने स्तर पर सर्वे करवाया गया है।

सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में अगर इस बार भी भाजपा की सरकार बनती है तो बीस सालों के लिये काँग्रेस सत्ता से बाहर हो जायेगी और ऐसी स्थिति में काँग्रेस के कार्यकर्त्ताओं का मनोबल पूरी तरह टूट जायेगा। ये परिस्थितियां भाजपा के मिशन 2019 के लिये उपजाऊ माहौल पैदा कर सकती हैं।

सूत्रों ने बताया कि हाल ही में भाजपा की राज्य चुनाव समिति की बैठक में भी संघ के इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। सूत्रों की मानें तो बैठक में आला नेताओं का यही मत था कि भाजपा के द्वारा इस बार सिर्फ और सिर्फ जिताऊ उम्मीदवार पर ही मुहर लगायी जाये, इस बार किसी अन्य फेक्टर पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि दागी या दोषी उम्मीदवार के बारे में चर्चा के दौरान यह बात भी आला नेताओं के द्वारा कही गयी कि माननीय न्यायालय के द्वारा जब तक किसी उम्मीदवार को दोषी करार नहीं दिया जाता है तब तक उसे दागी नहीं माना जा सकता है। इस बैठक में टिकिट बंटवारे के मापदण्डों पर भी चर्चा हुई।

इस बैठक के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के द्वारा पत्रकारों से चर्चा के दौरान यह भी कहा था कि भाजपा सिर्फ और सिर्फ जीतने वाले उम्मीदवार को ही टिकिट देगी। कार्यकर्त्ताओं की नाराजगी पर भी उन्होंने विचार करने के संकेत दिये थे।

इधर, सूत्रों ने आगे कहा कि संघ के द्वारा दिये गये फीडबैक में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी बुधनी की बजाय भोपाल के गोविंदपुरा सीट से उतारा जाना चाहिये। यह सीट भाजपा का अभेद्य दुर्ग है और इस सीट पर 1980 से बाबू लाल गौर लगातार विधायक हैं।

सूत्रों ने कहा कि सिवनी जिले पर भी संघ की बारीक नजर है। सिवनी जिले की चारों विधान सभाओं में पराजय के कारणों पर भी संघ के द्वारा मनन किया गया है। पिछले विधान सभा चुनावों में जिले की बरघाट विधान सभा पर बहुत ही कम मार्जिन से जीते कमल मर्सकोले के परफॉर्मेंस से भी संघ के नेता ज्यादा प्रसन्न नहीं दिख रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि अगर वर्तमान विधायकों के खिलाफ कार्यकर्त्ताओं में आक्रोश है तो टिकिट देने के पहले इस बात पर भी विचार किया जायेगा, क्योंकि चुनाव कार्यकर्त्ताओं के बल पर ही जीता जाता है।

 

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *