फरार हुए निर्मल सिंह ठाकुर!

 

 

लैंगिक उत्पीड़न का आरोप है ठाकुर पर, एक और प्राथमिकी दर्ज!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। केवलारी में पदस्थ महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ठाकुर के खिलाफ चौथी प्राथमिकी भी पुलिस के द्वारा दर्ज की गयी है। इसके साथ ही निर्मल सिंह ठाकुर फरार बताये जा रहे हैं।

केवलारी में महिला बाल विकास परियोजना विभाग में परियोजना अधिकारी के रूप में पदस्थ रहे और फिलहाल निलंबित चल रहा निर्मल सिंह ठाकुर के खिलाफ बुधवार को एक और प्राथमिकी दर्ज की गयी। इसके साथ ही उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों की संख्या चार हो गयी है।

बताया जाता है कि इन मामलों में गिरफ्तारी से बचने के लिये आरोपी फिलहाल फरार हो गये हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। एससीएसटी एक्ट और दर्ज दूसरे मामलों में अग्रिम जमानत जैसे प्रावधान न होने के कारण निर्मल सिंह ठाकुर की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। केवलारी पुलिस फिलहाल इस मामले में आरोपी की तलाश में जुट गयी है।

एक और प्राथमिकी दर्ज : केवलारी पुलिस के सामने बुधवार को एक और महिला ने तत्कालीन परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ठाकुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है। महिला ने अपनी शिकायत में लैंगिक उत्पीड़न जैसी शिकायतें दर्ज करायी हैं। महिला ने अपनी शिकायत के संदर्भ में कॉल रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस प्राथमिकी के साथ ही आरोपी के खिलाफ कुल चार शिकायतें पुलिस को प्राप्त हो चुकी हैं।

गायब हैं निर्मल सिंह ठाकुर : अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह खाण्डेल ने बताया है कि आरोपी निर्मल सिंह ठाकुर की पुलिस सभी संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि वे अपने घर से लापता हैं। गोपाल खाण्डेल ने बताया कि जिन मामलों में दस वर्ष तक की सजा का प्रावधान है उनमें अग्रिम जमानत नहीं हो सकती है।

वहीं माना जा रहा है कि निर्मल सिंह ठाकुर अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिये फिलहाल अग्रिम जमानत की कोशिशों में लगे हुए है। पुलिस ने उम्मीद जतायी है कि शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

क्या है मामला : अक्टूबर 2018 के आखिरी दिनों में सिवनी कलेक्टर और एसपी को एक ज्ञापन सौंपते हुए केवलारी परियोजना के तीन ग्रामों के आँगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं ने कहा था कि केवलारी के परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ठाकुर आँगनबाड़ी केन्द्रों के निरिक्षण के दौरान उनसे अश्लील बातें करते हैं।

कार्यकर्त्ताओं का कहना था कि परियोजना अधिकारी उनसे पैसे माँगते हैं, न देने पर अभद्र व्यवहार किया जाता है। इसके साथ ही सेवा से पृथक किये जाने की धमकी दी जाती है। कार्यकर्त्ताओं ने यह भी कहा था कि उन्हें छुट्टी नहीं दी जाती है और छुट्टी की अवधि का मानदेय काट लिया जाता है।

यह मामला चूँकि कार्यस्थल पर प्रताड़ना से जुड़ा था, इस कारण इसे विशाखा कमेटी को सौंपा गया था, जिसके बाद महिलाओं ने जनवरी में तीन दिन तक काम बंद हड़ताल कर धरना दिया था। उसके बाद मामले में तेजी आयी, इसके बाद केवलारी थाने में निर्मल सिंह ठाकुर के खिलाफ एक के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं।

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