सीएम को हत्या की धमकी देने वाले भाई धराये!

 

पाकिस्तान से लौटकर आये जितेंद्र और उसके भाई को पुलिस ने किया गिरफ्तार

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा के सिवनी पहुँचने पर उन्हें जान से मारने की धमकी देने वाले दो सगे भाईयों को भोपाल पुलिस ने अपना मेहमान बनाया है। राज्य की सायबर पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। दोनों आरोपियों को जमानत मिल गयी है। मामला सिवनी जिले का है।

पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के भोपाल ब्यूरो से सोनल सूर्यवंशी ने बताया कि सोशल मीडिया ट्विटर पर 02 से 07 अगस्त के बीच पाँच बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा के सिवनी पहुँचने पर उनको जान से मारने की धमकी दी गयी थी।

उक्त संबंध में बताया जाता है कि इस धमकी के बाद पुलिस मुख्यालय की सायबर सेल पूरी तरह सक्रिय हो गयी थी। पुलिस मुख्यालय के सायबर सेल के द्वारा जिस एकाउंट से धमकी के ट्वीट किये गये थे, उसकी पतासाजी की गयी। यह सिम भारत के नाम पर थी जो सिवनी जिले के बरघाट विकास खण्ड का निवासी था।

बताया जाता है कि पुलिस के द्वारा खुफिया तंत्र के जरिये भारत की जानकारी एकत्र की गयी तो पता चला कि भटककर पाकिस्तान पहुँचे और लगभग ढाई तीन महीने पहले वहाँ से छूटकर भारत आये जितेंद्र भारद्वाज के द्वारा अपने भाई के मोबाईल से इस तरह के ट्वीट किये गये थे।

इसके साथ ही बताया जाता है कि इसके बाद भोपाल की पुलिस के द्वारा जितेंद्र और उनके भाई भारत को हिरासत में लिया गया। दोनों ही आरोपियों को पूछताछ के लिये पुलिस भोपाल ले गयी है। इस मामले की जानकारी बरघाट पुलिस थाने में नहीं है। दोनों आरोपियों को जमानत मिल गयी, बतायी जाती है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि सायबर सेल के द्वारा शुरूआती पूछताछ में आरोपी जितेंद्र ने बताया कि जब वह पाकिस्तान की जेल से छूटकर आया था तब प्रदेश सरकार के द्वारा उसकी मदद का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन लगभग ढाई माह का समय बीत जाने के बाद भी किसी तरह की मदद नहीं हुई तो उनके द्वारा मुख्यमंत्री को इस तरह धमकी दे दी गयी।

सूत्रों ने बताया कि पुलिस अब जितेंद्र के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। जितेंद्र लगभग पाँच साल तक पाकिस्तान की जेल में रहा है। वह अपने परिजनों से नाराज होकर घर से चला गया था। भटकते – भटकते वह खोखरापार के पास की सीमा को पार कर पाकिस्तान पहुँच गया था।

इसके साथ ही बताया जाता है कि आरोपी जितेंद्र खून से जुड़ी एक बीमारी से जूझ रहा है। वह सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित है। वह करांची की जेल में बंद रहा था। जितेंद्र को जेल से छुड़वाने के लिये भारत सरकार के द्वारा काफी प्रयास किये गये थे। बाद में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक तरूण नायक के द्वारा किये गये व्यक्तिगत प्रयासों के चलते जितेंद्र को भारत लाये जाने के मार्ग प्रशस्त हुए थे।

बताया जाता है कि दोनों भाईयों को जमानत मिल गयी है पर पुलिस के द्वारा जितेंद्र के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस के द्वारा यह पता करने का प्रयास किया जा रहा है कि जितेंद्र और भारत के द्वारा मुख्यमंत्री को धमकी देने के पीछे वास्तविक राज क्या है!

 

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