भाजपा में बुलंद होने लगे विद्रोह के सुर!

 

पैराशूट से उतरे नेता को न बनाया जाये प्रत्याशी : बघेल

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में भी अब विद्रोह के सुर मुखर होते दिख रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सिवनी आगमन पर आधा दर्जन से ज्यादा स्थापित नेताओं के द्वारा किये गये अघोषित बायकाट का अब असर दिखने लगा है। भाजपा में अब पैराशूट से उतरे नेता को प्रत्याशी न बनाये जाने की माँग उठने लगी है।

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में एक बैठक हुई जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के जबलपुर दौरे की तैयारियों को लेकर चर्चा की जानी थी। इस बैठक में भाजपा के कार्यकर्त्ताओं का असंतोष फटता दिखा।

सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे कीरत सिंह बघेल के द्वारा भाजपा कार्यकर्त्ताओं की पीड़ा को मुखर तरीके से संगठन के समक्ष रखा गया। उन्होंने कहा कि भाजपा में पैराशूट से उतरे नेता को प्रत्याशी बनाने की बजाय उन नेताओं को मौका दिया जाना चाहिये जो सालों से भाजपा की रीति नीति पर ऐतबार जताते हुए भाजपा का परचम लहरा रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि जैसे ही कीरत सिंह बघेल ने यह बात कही वैसे ही कार्यकर्त्ताओं के बीच खुसुर – पुसर आरंभ हो गयी। सूत्रों की मानें तो भाजपा के कार्यकर्त्ताओं का कहना था कि विधायक दिनेश राय के द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी निर्दलीय विधायक रहते हुए नहीं बख्शा गया था। उन्होंने कहा था कि अगर सीधी उंगली से घी नहीं निकला तो वे उंगली टेड़ी करना भी जानते हैं।

सूत्रों ने कहा कि कार्यकर्त्ताओं के बीच यह बात भी चलती रही कि निर्दलीय विधायक रहते हुए दिनेश राय मुनमुन के द्वारा भाजपा की सांसद और विधायक रहीं श्रीमति नीता पटेरिया के पल्लू से हाथ भी पोंछा गया था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। बाद में विधायक दिनेश राय के द्वारा रैली के दौरान एक चैनल के पत्रकार को बुलवाकर उनसे सार्वजनिक तौर पर इस तरह पूछताछ की गयी थी मानो दिनेश राय दरोगा हों!

सूत्रों ने यह भी बताया कि कीरत सिंह बघेल के द्वारा अपनी बात कहने के साथ ही कार्यकर्त्ताओं में यह बात भी होती दिखी कि विधायक दिनेश राय के द्वारा एक सभा के दौरान भाजपा की जिला स्तर की नेत्रियों को विषकन्या भी कहा गया था। सूत्रों ने कहा कि विधायक दिनेश राय हाल ही में भाजपा के साथ आये हैं और संगठन का उनके प्रति नरम रवैया भाजपा के कार्यकर्त्ताओं के गले नहीं उतर पा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष कीरत सिंह बघेल के द्वारा जब अपनी बात कही गयी, उसके बाद विधायक दिनेश राय के द्वारा किसी से पूछा गया कि ये बोलने वाले सज्जन कौन थे! इसके जवाब में किसी ने विधायक दिनेश राय से कहा कि आप इन्हें नहीं पहचानते! ये भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष रहे हैं और समर्पित कार्यकर्त्ता हैं, अब तो कम से कम भाजपा के जिला स्तर के बट वृक्षों को पहचान लिया जाये!

सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में भाजपा नेताओं के सीडीआर (काल डिटेल रिकॉर्ड) पर भी नजर रखने की बात हुई, जिससे भाजपा नेताओं में भारी असंतोष देखा गया। सूत्रों ने बताया कि नेता आपस में यह बात भी करते दिखे कि भाजपा संगठन को अब शायद अपने नेताओं पर भी भरोसा नहीं रह गया है जो इस तरह का कदम उठाने की बात कही जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि बैठक समाप्त होने के बाद विधायक दिनेश राय और पूर्व विधायक व पूर्व सांसद श्रीमति नीता पटेरिया एवं पूर्व विधायक नरेश दिवाकर के बीच भी जमकर बहस हुई। बहस के बीच ही सहकारी बैंक के संचालक वेद सिंह ठाकुर ने दिनेश राय से पूछ लिया कि वे अपने आप को भाजपा का सदस्य मानते हैं अथवा नहीं! इसके जवाब में दिनेश राय के द्वारा कहा गया कि वे निर्दलीय चुनाव जीते थे और जब वे भाजपा की टिकिट पर चुनाव जीतेंगे तब आगे की बात देखी जायेगी!

सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में अमित शाह के जबलपुर के कार्यक्रम में नेताओं को लाने ले जाने की जवाबदेही विधायकों पर डाल दी गयी। इसी तरह सूत्रों की मानें तो इसके बाद नेताओं में यह चर्चा भी चली कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जबलपुर में प्रस्तावित सभा के लिये मण्डल अध्यक्षों से चर्चा कर यह तय कर लिया जाये कि किस मण्डल को कितने वाहनों की आवश्यकता है!

सूत्रों ने बताया कि इतना सुनते ही एक नेता ने यह कह दिया कि वे किसी से भी चर्चा नहीं करेंगे! जिसे चर्चा करना है वह उनसे (नेताजी से) चर्चा करे और बताये कि उसे कितने वाहनों की आवश्यकता है। इसके लिये मण्डल अध्यक्ष कार्यकर्त्ताओं की सूची बनाकर उन्हें दें!

सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में भाजपा के जिला अध्यक्ष राकेश पाल सिंह, नगर अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, पूर्व मंत्री डॉ.ढाल सिंह बिसेन, पूर्व सांसद और पूर्व विधायक व महाकौशल विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमति नीता पटेरिया, पूर्व विधायक नरेश दिवाकर, विधायक दिनेश राय, बरघाट विधायक कमल मर्सकोले, सहकारी बैंक के प्रशासक वेद सिंह ठाकुर सहित भाजपा के जिला और नगर पदाधिकारी एवं मण्डल अध्यक्ष उपस्थित थे।

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