फर्जी हस्ताक्षर कर राशि निकालने का प्रयास!

बैंक कर्मियों की सक्रियता से धराया आरोपी, चौथी बार किया था प्रयास

(संतोष बर्मन)

घंसौर (साई)। एक शिक्षक के बैंक खाते से तीन बार फर्जी तरीके से राशि आहरण करने वाले आरोपी को बैंक कर्मियों की सक्रियता से पकड़ लिया गया। यह मामला भारतीय स्टेट बैंक की घंसौर बैंक में प्रकाश में आयी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पहाड़ी निवासी शिक्षक अरविंद रजक के खाते से तीन बार फर्जी हस्ताक्षरों के जरिये राशि का आहरण किया जा चुका था। इसकी शिकायत बैंक प्रबंधन को की गयी थी। इसके बाद से यह मामला बैंक प्रबंधन के लिये चुनौति बना हुआ था।

बताया जाता है कि आरोपी के द्वारा एक बार फिर बैंक की शाखा से अरविंद रजक के खाते से राशि के आहरण का प्रयास किया गया, किन्तु बैंक कर्मियों की सजगता से वह सफल नहीं हो सका और पकड़ा गया। शनिवार को उक्त युवक के द्वारा अरविंद रजक के खाते से राशि आहरण के लिये राशि निकासी पर्ची (विड्रॉवल स्लिप) भरकर लाईन में अपनी बारी का इंतजार किया जा रहा था।

बताया जाता है जैसे ही आरोपी के द्वारा विड्रॉवल स्लिप काऊंटर पर बैठे बैंक कर्मी को दी गयी और बैंक कर्मी के द्वारा अरविंद रजक का नाम देखा उनके कान खड़े हो गये, क्योंकि इस खाते से पहले भी तीन बार फर्जी आहरण की शिकायत हो चुकी थी। शंका होने पर बैंक कर्मी के द्वारा प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गयी।

बताया जाता है कि बैंक प्रबंधन के द्वारा इस बात की जानकारी पुलिस को दे दी गयी। पुलिस के द्वारा उक्त युवक को हिरासत में ले लिया गया। आरोपी की पहचान प्रदीप भलावी निवासी बरगाँव के रूप में हुई है। पुलिस को आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास एक दर्जन सिम कार्ड, चार मोबाईल और तीन पासबुक मिलीं। पुलिस के द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि शिक्षक अरविंद रजक विगत दो वर्षों से उनके बैंक खाते से फर्जी विड्रॉवल के जरिये राशि निकाले जाने को लेकर परेशान चल रहे थे। उनके खाते से तीन बार दस-दस हजार रुपये की राशि का आहरण किया जा चुका था और अब चौथी बार की तैयारी में आरोपी लगा हुआ था। धोखाधड़ी की शिकायत पहले से ही पुलिस थाना घंसौर में दर्ज है।

 

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