कार्यों से विरत रहे अधिवक्ताओं ने की माँग

 

 

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (साई)। अधिवक्ताओं को सामाजिक सुरक्षा के मसले, यथा चैम्बर्स, बैठने की सुविधा, ई लाइब्रेरी, इंटरनेट सुविधा, बीमा आदि की माँग को लेकर मंगलवार को जिले के अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रूद्रदेव सिंह राहंगडाले ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के राष्ट्रव्यापी आव्हान के आधार पर व मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर के निर्देश के अनुसार जिला अधिवक्ता संघ सिवनी भी न्यायालयीन कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने अपनी माँगों में बताया कि सामाजिक सुरक्षा के मसले, यथा चैम्बर्स, बैठने की सुविधा, ई-लाईब्रेरी, इंटरनेट सुविधा, अधिवक्ताओं व उनके परिवारों के सदस्यों के बीमा, पाँच वर्ष की प्रेक्टिस वाले कनिष्ठ अधिवक्ताओं के लिये प्रतिमाह दस हजार रूपये तक की राशि का भुगतान व उनके आश्रितों के लिये असामयिक मृत्यु या शारीरिक अक्षमता, दिव्यांगता, किसी रोग या दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता और इन सभी के लिये केंद्रीय बजट में पाँच करोड़ रूपये का प्रावधान किये जाने की माँग की गयी थी, किन्तु प्रधानमंत्री एवं राज्य सरकारों ने हमारी माँगों पर विचार नहीं किया। इसी प्रकार मध्य प्रदेश स्तर पर कुछ माँगों में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम शीघ्र लागू किया जाये, मौजूद सरकार जूनियर एडवोकेट को चार हजार रूपये प्रतिमाह राशि प्रदान करे। कहा गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वयत्ता पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जायेगा।

इस मौके पर अरूण बिसेन, राजेश गिरी गोस्वामी, रवि कुमार सोनी, महेश कुमार लारोकार, कंचन सोनी, मनोज कनोजिया, संतोष चौधरी, शशि बाला डहेरिया, श्वेता सूर्यवंशी, नेतराम चौरसिया, प्रदीप नेमा, भीमा शिंद्रे आदि मौजूद थे।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर अधिवक्ता संघ घंसौर ने मंगलवार को देश के प्रधानमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी घंसौर को एक दिवसीय न्यायालयीन कार्य से विरत रहने व प्रतिवाद दिवस मनाने संबंधी ज्ञापन सौंपा।

सौंपे गये ज्ञापन में बताया गया है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा पारित प्रस्ताव राज्य अधिवक्ता परिषद द्वारा प्रेषित निर्देश तथा अधिवक्ता संघ घंसौर द्वारा प्रस्ताव सहमति के आधार पर अधिवक्ता के अधिकारों की रक्षा, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संस्थाओं की रक्षा, अधिवक्ताओं की सुरक्षा एवं अधिवक्ताओं के कल्याण के लिये सरकार द्वारा कोई योजनाएं नहीं बनाये जाने तथा पूर्व में दिये गये अन्य आवेदनों ज्ञापन आदि पर कोई कार्यवाही नहीं किये जाने के चलते पूरे देश के अधिवक्ता अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिये विवश हैं। अपनी विभिन्न माँगों का ज्ञापन अधिवक्ताओं ने सौंपा।

इस अवसर पर रत्नेश गिरी गोस्वामी, रघुराज यादव, विक्रांत श्रीवास्तव, प्रमोद ढकेता, उमेश सेन, दिनेश्वरी वोपचे, अमित तिवारी, देवेन्द्र यादव, नरेश मेवाती, संगीत शिवहरे महेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपा।

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