प्यासा है सांसद का आदर्श ग्राम

 

(ब्यूरो कार्यालय)

गोपालगंज (साई)। जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर नागपुर रोड पर स्थित ग्राम पंचायत गोपालगंज मुख्यालय में बोर बंद होने के बाद पंचायती क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से पानी का वितरण किया जा रहा है। पंचायत के पास दो टैंकर हैं, परंतु ट्रैक्टर नहीं है।

बताया जाता है कि पंचायत ने 500 रूपये प्रति दिन के हिसाब से दो ट्रैक्टर किराये से लिये है और प्रतिदिन पाँच ट्रिप पानी बुलवाया जाकर पंचायत क्षेत्र में वितरित किया जा रहा है। इससे पंचायत पर अतिरिक्त खर्च का भार तो आ रहा है परंतु इसके बाद भी लोग इस भीषण गर्मी में पानी के लिये परेशान हो रहे हैं। गौरतलब होगा कि यह क्षेत्र बालाघाट के सांसद बोध सिंह भगत के द्वारा आदर्श ग्राम के रूप में गोद लिया गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि एक माह से नल-जल योजना बंद है। लोग पानी के लिये परेशान हो रहे हैं। यहाँ तक कि नया बोर होने को 15 दिन से अधिक का समय बीत गया है, परंतु पाईप लाईन नहीं बिछायी गयी, जिसके कारण ग्रामीणों तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है।

उक्त संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि गोपालगंज को बालाघाट के सांसद बोधसिंह भगत ने गोद लिया है। यह सांसद आदर्श ग्राम है। पंचायत क्षेत्र में लगभग एक माह से अधिक समय से बोर बंद हो जाने के कारण ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है। यहाँ 15 हैण्डपंप ऐसे हैं जो सूख चुके हैं। इसके अलावा 10 हैण्डपंप ऐसे हैं जिसमें बहुत कम पानी आ रहा है और थोड़ी ही देर में वे हवा फेंकने लगते हैं।

ग्रामीणों ने आशंका व्यक्त की है कि आलम यही रहा तो एकाध सप्ताह चलने के बाद ये हैण्डपंप भी बंद हो जायेंगे। साथ ही क्षेत्र में दो सार्वजनिक कुंए हैं जो सूख चुके हैं। ऐसी स्थिति में लगभग एक माह से बोर बंद होने के कारण पानी की समस्या विकराल रूप अख्तियार कर लिया है।

अब पाईए अपने शहर की सभी हिन्दी न्यूज (Click Here to Download) अपने मोबाईल पर, पढ़ने के लिए अपने एंड्रयड मोबाईल के प्ले स्टोर्स पर (SAI NEWS ) टाईप कर इसके एप को डाऊन लोड करें . . . आलेख कॉलम में दिए गए विचार लेखक के निजि विचार हैं, इससे समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया प्रबंधन को सरोकार हो यह जरूरी नहीं है। स्वास्थ्य कॉलम में दी गई जानकारी को अपने चिकित्सक से परामर्श के बाद ही अमल में लाएं . . .

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *