जर्जर भवनों के बारे में लापरवाह है पालिका!

(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। बारिश आने को है, ऐसी स्थिति मेें भाजपा शासित नगर पालिका परिषद के पास इस बात की जानकारी भी नहीं है कि शहर के अंदर इस तरह की कितनी इमारतें हैं जो जर्जर हैं और बारिश में इनके गिरने का खतरा है। लगता है पालिका परिषद के द्वारा किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है।
जिला मुख्यालय में ही अनेक भवन इस तरह के हैं जो इस बरसात को शायद ही सह पायें। अगर आँधी तूफान के साथ तेज बारिश हुई तो इनमें से कुछ भरभरा कर गिर भी सकते हैं। इसके बाद भी भाजपा शासित नगर पालिका परिषद के द्वारा जून माह के पहले पखवाड़े की समाप्ति के आने तक, शहर में जर्जर भवन चिन्हित करने का काम आरंभ नहीं किया गया है।
नगर पालिका के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिला प्रशासन के नव रत्नों में शामिल मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पाण्डेय को भी इसकी चिंता नहीं दिख रही है और न ही पालिका के तकनीकि अमले ने ही अब तक इसकी सुध ली है।
उक्त संबंध में सूत्रों ने बताया कि पालिका के अंदर पिछले लगभग छः माहों से शह और मात का खेल जारी है, जिससे जनता को भारी असुविधा हो रही है और इस असुविधा के बीच जनता अब भारतीय जनता पार्टी को ही कोसती नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार पालिका के अंदर अनेक कर्मचारी और चुने हुए प्रतिनिधि इसी जुगत में दिख रहे हैं कि किस तरह कमीशन का खेल खेला जाये।
सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों आवास योजना के ठेकेदार के खिलाफ सम्मेलन बुलाये जाने की माँग करने वाले पार्षदों ने चुप्पी साध ली है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब 05 मई को सिवनी आये थे तब नगर पालिका के द्वारा आवास योजना के ठेकेदार के हवाले से एक विज्ञापन भी जारी किया गया था जिसमें सभी पार्षदों के नामों का समावेश था।
इसके साथ ही सूत्रों ने बताया कि पालिका के तकनीकि प्रभाग के आला अधिकारियों द्वारा यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया जा रहा है कि वे अभी-अभी सिवनी आये हैं और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि पालिका के क्षेत्र में कितने भवन जर्जर हैं। उधर, पार्षदों के द्वारा भी अपने – अपने वार्ड में जर्जर आवासों को चिन्हित किये जाने में दिलचस्पी नहीं दिखायी गयी है।
ज्ञातव्य है कि हाल ही में उपनगरीय क्षेत्र लूघरवाड़ा में एक दीवार धसकने से एक व्यक्ति की दबकर मौत होने की घटना से भी भाजपा शासित नगर पालिका प्रशासन ने सबक नहीं लिया है। लोगों का कहना है कि पालिका के द्वारा किसी हादसे का इंतजार ही किया जा रहा है।

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One thought on “जर्जर भवनों के बारे में लापरवाह है पालिका!

  1. नगर पालिका की सीमा के अंदर ही शासकीय माध्यमिक शाला डूंडासिवनी में भी पुराण शाला भवन जीर्णशीर्ण अवस्था में है नई बिल्डिंग बन जाने के कारण उसके क्लास भी नही लगती है। स्कूल तथा जिला कार्यालय स्तर उस बिल्डिंग को डिस्मेंटल करने के लिए कई पत्राचार किये जा चुके है , समाचार पत्रों द्वारा भी इस विषय मे छापा गया किन्तु नगर पालिका इस ओर ध्यान नही दे रही है। बरसात में उक्त बिल्डिंग कभी गिर सकती है तथा कोई भी दुर्घटना हो सकती है। इसके अतिरिक्त जर्जर बिल्डिंग में सांप बिच्छू जैसे जहरीले जंतु नही निवास कर सकते है जिससे बच्चो को खतरा है। नगर पालिका द्वारा छात्रों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। कृपया इस मुद्दे की और ध्यान दे।

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