उत्तरी हवाओं, धूल भरी आँधी ने थामी पारे की रफ्तार

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। मौसम की आँख मिचौली इस साल कुछ ज्यादा ही प्रतीत हो रही है। कभी सूर्यनारायण के तेवर इस कदर तल्ख हो जाते हैं कि लू का अहसास होने लगता है तो कभी बादलों के द्वारा डेरा डाल दिये जाने के कारण उमस का माहौल बन रहा है।

अप्रैल माह के आधे से ज्यादा दिन गुजर चुके हैं। मई माह की गर्मी का असर अभी से दिखायी देने लगा है। इसी के चलते तापमान का आंकड़ा 40 डिग्री सेल्सियस को स्पर्श कर गया था। इसके बाद सोमवार को अचानक ही धूप में चुभन काफी कम ही प्रतीत हुई। सोमवार को अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा तो रविवार और सोमवार की दरमियानी रात में न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

एसी कूलर्स की बढ़ी माँग : गर्मी के प्रकोप से बचने लोग तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। इसके लिये लोग पंखे, कूलर आदि उपकरणों का प्रयोग कर रहे हैं। वहीं धूप से बचने के लिये वे टोपी, चश्मा, गमछे का सहारा लेने के साथ ही शीतल पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। फ्रिज और मटके का पानी लोग इस्तेमाल करके अपने सूखे कण्ठ को तर कर रहे हैं। इसी के चलते गर्मी में राहत पहुँचाने वाले इन उपरकरणों की बाजार में माँग भी बढ़ गयी है।

राजस्थान की धूल, तेज हवाओं ने कम की धूप की चुभन : तेज हवाओं के कारण दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट का दौर जारी हैं। मौसम विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि मौसम का परिवर्तन किसी सिस्टम के कारण नहीं बना है, क्योंकि अभी कोई भी सिस्टम सक्रिय नहीं है, इसलिये वर्तमान में वातावरण में आद्रता नहीं है।

सूत्रों ने कहा कि पारे ने 40 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा छुआ और इसके बाद उत्तरी हवाओं ने इस पर लगाम कस दी है। हवाओं के कारण ही दिन में तपन भी कम महसूस हो रही थी और उमस से भी राहत रही। हालांकि जैसे ही हवाओं की दिशा बदलेगी पारा फिर 40 के पार पहुँच जायेगा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक-दो दिन इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है।

धूप की तपन एक बार फिर कम हो गयी है। इस बार हवाओं की दिशा बदलने से ऐसा हुआ है। अभी तक पूर्व की ओर से गरम हवाएं आ रहीं थीं लेकिन रविवार को उनकी दिशा उत्तरी हो गयी.. जिनकी रफ्तार भी ज्यादा थी। इसी वजह से दिन में धूप निकलने के बाद भी तपन कम महसूस हुई और उमस से भी राहत रही। रात में भी पिछले तीन-चार दिनों की तुलना में गर्मी कम महसूस हो रही थी। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी हवाओं के कारण पारा नीचे आया है। हवाओं की रफ्तार यदि नहीं बदली तो मौसम अभी इसी तरह रहेगा।

तापमान बढ़ते ही अस्पताल में उल्टी दस्त, बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस मौसमी बीमारी से बचने के लिये लोगों को उपाय बताये गये हैं। चिकित्सकों ने लोगों को गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के बचने के लिये धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के कपड़ों का प्रयोग करना चाहिये। खाली पेट घर से बाहर न निकलें, गर्दन के पिछले भाग कान व सिर को गमछे या तौलिये से ढकने, और रंगीन चश्मा लगाये जाने की सलाह दी गयी है।

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