आसमान में टकराये मॉनसूनी बादल!

जल्द बढ़ेगा मॉनसून प्रदेश की ओर
(महेश रावलानी)
सिवनी (साई)। मॉनसून मेघों की रेल बंगाल की खाड़ी से पानी की खेप लेकर एमपी की सीमा में दस्तक दे चुकी थी। इधर अरब सागर के बादल भी मेहरबान नजर आ रहे थे।
मौसम विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि पल-पल बदलते मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार पहले यह संभावना व्यक्त की जा रही थी कि 10 जून से प्रदेश में मॉनसून की झमाझम आरंभ हो जायेगी, लेकिन एक बड़े परिवर्तन ने बारिश की संभावनाओं पर ब्रेक लगा दिया है।
सूत्रों की मानें तो प्रदेश के आसमान के ऊपर बादलों में टकराव हो रहा है। बंगाल की खाड़ी व अरब सागर की तरफ से आ रहे बादल एक दूसरे से टकरा रहे हैं। इस वजह से लो प्रेशर नहीं बन पा रहा है। सूत्रों का कहना है कि जब तक बादलों का टकराव खत्म नहीं होता और पर्याप्त लो प्रेशर नहीं बनता तब तक बारिश पर ब्रेक लग सकता है। मॉनसूनी वर्षा के लिये आवश्यक हवा का निम्न दाब बनने में तीन से चार दिन का समय भी लग सकता है।
250 किमी दूर अटका मॉनसून : सूत्रों ने आगे बताया कि मध्य प्रदेश और देश के लगभग मध्य में स्थित सिवनी में यही आलम है। यहाँ बंगाल की खाड़ी के अलावा अरब सागर का भी मॉनसून आता है। जाँच पड़ताल में यह बात सामने आयी है कि लगभग 150 किलोमीटर दूर दोनों मॉनसून अटक गये हैं।
सूत्रों ने बताया कि प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही मॉनसून कमजोर हुआ है। सूत्रों के अनुसार यदि हवा की दिशा, गति के साथ अच्छी रही और हवा के निम्न दाब का क्षेत्र पूरी तरह बन गया तो 15 जून तक मॉनसून की दस्तक हो सकती है। हवा की रफ्तार कम हुई तो मॉनसून का इंतजार और बढ़ सकता है। अभी नमी के प्रभाव से बादल बनेंगे और प्री मॉनसून बारिश होती रहेगी।
सीमा पर दोनों मॉनसून : सूत्रों के अनुसार प्रदेश एवं सिवनी में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों ओर के मॉनसून से बारिश होती है। दक्षिण पश्चिम मॉनसून कमजोर होने से मॉनसून का इंतजार बढ़ा है। लो प्रेशर के कारण मॉनसून की दिशा बदल जाती है। प्रदेश में सामान्य बारिश का अनुमान है। 21 जून से अच्छी बारिश हो सकती है।
सूत्रों ने आगे बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों ओर का मॉनसून कमजोर पड़ा है। दोनों मॉनसून प्रदेश की सीमा तक पहुँच चुका है। दो दिन मॉनसून लेट नहीं होता तो अब तक झमाझम बारिश आरंभ हो जाती। बंगाल की खाड़ी का मॉनसून उत्तर पूर्व की ओर शिफ्ट हो रहा है।
इसके साथ ही सूत्रों ने आगे बताया कि अरब सागर का मॉनसून लगभग 150 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र के गोंदिया के आसपास है। बंगाल की खाड़ी का मॉनसून दक्षिण छत्तीसगढ़ से उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ गया है। अभी यह छत्तीसगढ़ के दुर्ग के आसपास पहुँचा है। मॉनसून सक्रिय हुआ तो बालाघाट की ओर से दस्तक होगी।

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