आत्मविश्वास का खजाना

 

 

न्यू यॉर्क में एडवर्ड ऐनिस नाम का एक व्यक्ति था। वह धर्म-कर्म और ईश्वर में बहुत विश्वास रखता था। वह अपने संबंधियों में सबसे निर्धन था, लेकिन उसमें गजब का आत्मविश्वास था। इसी एक गुण के कारण सभी उसका सम्मान करते थे। निर्धनता की अवस्था में काफी समय बीत गया। एक दिन वह कहीं जा रहा रहा था। उसे ऐसा आभास हुआ कि जिस स्थान से वह गुजर रहा है, वहां काफी सोना है।

उसने एक ज्योतिषी से इस बारे में पूछा। वह अपने विश्वास को महत्व देता था। वह अक्सर कहा करता था, मेरा हृदय, मन और मेरी आत्मा इतने विकार रहित हैं कि उनमें भविष्य के संदर्भ भी ऐसे प्रकट हो जाते हैं, जैसे उन्हें मैं सचमुच देख रहा हूं। जब मेरा विश्वास दृढ़ हो जाता है तो फिर उस कार्य की सफलता में कुछ संदेह भी नहीं रह जाता। ऐनिस के पास धन नहीं था, फिर भी उसने अपने तमाम साधन एकत्र किए, कुछ मित्रों से सहायता प्राप्त की और वह जमीन खरीद ली। वहां खुदाई शुरू करा दी गई।

दुर्भाग्य कि वहां चांदी के कुछ टुकड़े ही उपलब्ध हुए और उसके बाद ही उसकी मृत्यु हो गई। मरने से पूर्व अपने एक संदेश में एनिस ने कहा, जो बात आत्मा से निकलती है, वह कभी झूठ नहीं होती। मुझे नहीं मिला तो क्या, अभी उस स्थान पर सोना अवश्य है। उसकी मृत्यु के 16 वर्ष बाद मार्या मारले ने, जिन्हें एनिस के आत्मविश्वास पर काफी भरोसा था, वहां फिर से खुदाई का काम करवाया।

600 फीट तक खुदाई करने के बाद वहां सोने, चांदी, तांबे और जिंक के भंडार मिले। इससे उस महिला को कई लाख डॉलर का लाभ हुआ। अपनी सफलता पर उन्होंने केवल इतनी ही टिप्पणी की, आत्मविश्वास अपने आप एक ज्योतिष है, ऐसा मनुष्य भले ही अपने लिए कुछ न करे, पर उसकी विकसित अंतरशक्ति दूसरों का भी कल्याण कर सकती है।

(साई फीचर्स)

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