भाजपा व कांग्रेस के लिए मुसीबत बने सपाक्स-अजाक्स संगठन

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। पदोन्नति में आरक्षण को लेकर जारी विवाद के चलते गठित हुए सपाक्स संगठन की बढ़ती सक्रियता के बीच अब अजाक्स ने भी अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। यही वजह है कि अब यह दोनों सगंठन एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं। इस वजह से चुनावी माहौल में कांग्रेस व भाजपा की चिंताए बढ़ गई हैं।

इन दोनो संगठनों ने चुनावी माहौल के बीच अपनी-अपनी ताकत दिखाने का फैसला किया है। अजाक्स 23 सितंबर को तो सपाक्स 30 सितंबर को भोपाल में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रहा है। इस शकित प्रदर्शन के लिए दोनो ही संगठन जिला स्तर पर बैठकें कर और संपर्क अभियान चला रहे हैं।

दरअसल अजाक्स ने 23 सितंबर को छह लाख से ज्यादा लोगों को सम्मेलन में लाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए अजाक्स से जुड़े लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर तेजी से मैसेज चलाए जा रहे हैं। इसी तरह सपाक्स ने भेल दशहरा मैदान पर बड़ा आयोजन करना तय कर रखा है । इसमें भी इतने ही लोगों को बुलाने की रणनीति बनाई गई है।

दोनों संगठन कर रहे ओबीसी पर दावा : अजाक्स और सपाक्स दोनों के बीच अब ओबीसी को लेकर तकरार के हालात बन गए हैं। प्रदेश में अजा-जजा और सामान्य वर्ग की लड़ाई में निर्णायक वर्ग ओबीसी है। प्रदेश में 52 फीसदी ओबीसी वोट बैंक माना जाता है, लिहाजा सपाक्स और अपाक्स दोनों इस वर्ग को अपने साथ मान रहे हैं।

अजाक्स ने अन्य पिछड़ा वर्ग यूनाइटेड फ्रंट संगठन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह के हवाले से ओबीसी वोटबैंक अपने पक्ष में होने का दावा किया है। दूसरी ओर सपाक्स ने भी ओबीसी को अपना बताया है। सपाक्स ने अपने घोषणा-पत्र में इसे शामिल करने के साथ अन्य प्रशासनिक मुद्दों को भी शामिल करना तय किया है।

अब आरक्षण समर्थकों का बॉयकाट : अजाक्स ने सोमवार को सवर्ण समाज के प्रत्याशी का चुनाव में बॉयकाट करने का ऐलान किया था। इसके जवाब में मंगलवार को सपाक्स ने चुनाव में दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के ऐसे प्रत्याशियों का बायकॉट करने का ऐलान किया, जो आरक्षण व एट्रोसिटी एक्ट के पक्ष में रहे हैं। यह बॉयकाट विधानसभा और लोकसभा दोनों चुनावों में होगा। इसकी जद में प्रारंभिक रूप से भागीरथ प्रसाद, थावरचंद गेहलोत, रामविलास पासवान व रामदास आठवाले के नामों का जिक्र आया है।

सपाक्स को राष्ट्रीय संगठन बनाने की तैयार : प्रदेश से जन्मे सपाक्स समाज संगठन ने अब अखिल भारतीय संगठन बनाना तय किया है। इसके तहत दिल्ली में दीपेंद्र दुबे को सपाक्स अध्यक्ष बनाया गया है। हरियाणा, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में इसी हफ्ते प्रांतीय अध्यक्ष नियुक्त कर दिए जाएंगे। इसके बाद इन सभी प्रदेशों के अध्यक्षों की बड़ी बैठक होगी, जिसके बाद राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

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