नेताओं के बच्चों को भी चुनाव लड़ने का हक: कैलाश विजयवर्गीय

 

(ब्यूरो कार्यालय)

इंदौर (साई)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी पार्टी में परिवारवाद के आरोपों को खारिज किया है। हालांकि उन्होंने नेताओं के बच्चों के चुनाव लड़ने की वकालत की है।

मंगलवार को विजयवर्गीय ने कहा कि राजनेताओं की संतानों को भी चुनाव लड़ने का पूरा हक है, बशर्ते वे योग्यता के तय पैमानों पर खरी उतरती हों। विजयवर्गीय का यह बयान ऐसे वक्त पर सामने आया है, जब मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है। उनके पुत्र आकाश भी इंदौर से बीजेपी टिकट के दावेदार हैं।

बता दें कि विजयवर्गीय का गृहनगर इंदौर है और वह खुद जिले की महू सीट से विधायक हैं। उन्होंने मंगलवार को कहा, ‘किसी राजनेता के घर जन्म लेना कोई गुनाह नहीं है। राजनेताओं की संतानें भी राजनीति में आ सकती हैं। अगर राजनीतिक परिवार का कोई व्यक्ति योग्यता के आधार पर अपनी पार्टी से चुनावी टिकट मांगता है तो यह उसका अधिकार है।’

विजयवर्गीय ने दावा किया कि उन्होंने अपने बेटे आकाश के लिए अपनी पार्टी से टिकट नहीं मांगा है लेकिन बीजेपी के आंतरिक सर्वेक्षण में उनके बेटे को इंदौर के चार विधानसभा क्षेत्रों में टिकट की दावेदारी के लिए योग्य पाया गया है। बीजेपी महासचिव ने कहा, ‘अगर मेरी पार्टी को उचित लगेगा तो वह मेरे बेटे को चुनावी टिकट देगी।’

उन्होंने कहा, ‘बीजेपी में परिवारवाद नहीं है। परिवारवाद के आधार पर तो कांग्रेस चलती है। गांधी परिवार का कोई व्यक्ति ही कांग्रेस की बागडोर संभालता है, भले ही उसमें राजनीतिक योग्यता हो या न हो।’ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को बार-बार ‘चौकीदार चोर है’ कहने पर विजयवर्गीय ने कहा, ‘इस तरह की असंसदीय शब्दावली का उपयोग कर राहुल देश के राजनीतिक वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। ऐसे संस्कार केवल कांग्रेस में ही हो सकते हैं।’ उन्होंने राफेल सौदा मामले में कांग्रेस अध्यक्ष को चुनौती देते हुए कहा, ‘अगर इस मामले में राहुल के पास पुख्ता सबूत हैं तो वह खुद अदालत का दरवाजा खटखटाएं।’

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