फग्गन सिंह पिछड़े सांसद निधि खर्च में!

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। सांसदों को विकास कार्याें के लिए पांच साल में हर साल पांच करोड़ रुपए मिलते हैं। 05 साल ख़त्म होने को हैं लेकिन सांसदों के खाते में डाले गए ये पैसे अब तक ख़त्म नहीं हुए।

मध्य प्रदेश के सांसद सांसद निधि खर्च करने में फिसड्डी साबित हुए हैं। सांसदों को 05 साल के लिए सरकार पैसे देती है लेकिन प्रदेश के सिर्फ 09 सांसदों ने ही विकास कार्यों पर अपना पूरा पैसा खर्च किया, बाकी 20 सोचते ही रह गए।

सांसदों को विकास कार्याें के लिए पांच साल में हर साल पांच करोड़ रुपए मिलते हैं। 05 साल ख़त्म होने को हैं लेकिन सांसदों के खाते में डाले गए ये पैसे अब तक ख़त्म नहीं हुए। सांसदों के खर्च को लेकर केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय ने रिपोर्ट जारी की है। इसमें 09 सांसद तो पास हैं बाकी 20 फेल हैं। जिन 09 सांसदों ने विकास कार्यों पर अपना पैसा खर्च किया उनमें से 07 बीजेपी के हैं और 02 काँग्रेस के।

पूरी सांसद निधि खर्च करने वाले सांसदों में सुमित्रा महाजन (इंदौर) 25 करोड़, सावित्री ठाकुर (धार) 25 करोड़, मनोहर ऊंटवाल (देवास) 25 करोड़ एवं गणेश सिंह (सतना) 25 करोड़ प्रह्लाद पटेल (दमोह) 25 करोड़, लक्ष्मीनारायण यादव (सागर) 25 करोड़, बोध सिंह भगत (बालाघाट) 25 करोड़, कमल नाथ (छिंदवाड़ा) 25 करोड़ एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया (गुना) 25 करोड़ शामिल हैं।

इसके अलावा कांतिलाल भूरिया ने साढ़े बाहर करोड़ रूपए, ज्ञान सिंह शहडोल के द्वारा साढ़े बारह करोड़ रूपए, आलोक संजर भोपाल के द्वारा 15 करोड़ रूपए, ज्योति धुर्वे बैतूल के द्वारा 15 करोड़ रूपए, फग्गन सिंह कुलस्ते मण्डला के द्वारा साढ़े सत्रह करोड़ रूपए, नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर के द्वारा 15 करोड़ रूपए, रीति पाठक सीधी के द्वारा 20 करोड़ रूपए, राकेश सिंह जबलपुर के द्वारा 20 करोड़ रूपए, सुधीर गुप्ता मंदसौर के द्वारा 20 करोड़ रूपए एवं नंद कुमार सिंह चौहान खण्डवा के द्वारा 20 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं।

सांसदों को ये पैसा उनके निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य करने के लिए दिया जाता है। सांसद अपनी मर्ज़ी से पैसा खर्च कर सकते हैं। प्रशासन के उपयोगिता प्रमाण पत्र के आधार पर ही राशि खर्च की जाती है। साल में दो बार ये राशि जारी की जाती है।

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