‘महामिलावट में एंट्री के लिए मोदी को ज्यादा गाली देना पैमाना’ : मोदी

 

 

 

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

रायगढ (साई)। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पहली बार राज्य के दौरे पर गए प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। लोकसभा चुनाव से पहले एकजुट हो रहे विपक्ष को महामिलावटबताया है और कहा है कि इसमें एंट्री का सिर्फ एक मानक है कि कौन मोदी को कितनी ज्यादा गाली दे सकता है। उन्होंने राज्य सरकार पर भी जनता विरोधी फैसले लेने और भ्रष्टाचार को छिपाने का आरोप लगाया।

महागठबंधन की ओर इशारा, बताया महामिलावट

पीएम ने कांग्रेस पर बिचौलियों और दलालों से मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि उनके मामा-चाचाको भारत लाकर जांच एजेंसियों के हवाले किया जा रहा है, इसलिए वे बौखला रहे हैं और ऐसे लोगों के साथ मिलावट करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘इनमें आपस में होड़ लगी है कि कौन मोदी को ज्यादा से ज्यादा गाली देकर अपने नंबर बढ़ा ले। महामिलावट में एंट्री का एक ही क्राइटीरिया है, मोदी को ज्यादा गाली दे पाते हो तो एंट्री हो सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और वे सुबह-शाम मोदी-मोदी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार से घिरे हुए लोगों की कोई विचारधारा नहीं है और असली राजनीति यही है कि खुद भी भ्रष्टाचार करो और करने वाले का साथ दो, संरक्षण दो। पीएम ने कहा कि वे जितनी भी महामिलावट कर लें चौकीदारचुप नहीं बैठेगा।

नामदार परिवार में कोई जमानत-कोई अग्रिम जमानत पर बाहर

उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि घोटाले-घपले की नीयत का नतीजा है कि सीबीआई जांच में अड़ंगा लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘वह अभी से ही अपने भ्रष्टाचार को छिपाने में लग गई है। दिल्ली से यही संस्कार विरासत में मिलते हैं। अगले चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ को एटीएम बनाना है, सीबीआई बैठेगी तो एटीएम कैसे बनेगा।गांधी परिवार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने तंज कसा, ‘कांग्रेस के नामदार परिवार के हर सदस्य के खिलाफ अदालतों में गंभीर मामले चल रहे हैं। टैक्स चोरी, जमीन -संपत्ति घोटाले के मामले चल रहे हैं। हालत यह है कि ज्यादातर सदस्य जमानत या अग्रिम जमानत पर बाहर हैं। कानून से बचने की उनकी कोशिशों के बीच चौकीदार अलर्ट है।

राज्य सरकार पर कटाक्ष, ‘हमारे कार्यों को ठप कर रही सरकार

पीएम ने राज्य सरकार पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘दो महीने पहले जब नई सरकार बनी तो हमने भी इस उम्मीद के साथ बधाई दी कि 15 साल के बाद कुछ नई सोच, नई शुरुआत करेंगे, युवाओं के लिए काम करेंगे लेकिन जो पहले बेहतर किया जा रहा था उसको भी ठप करने में लगे हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आयुष्मान भारत योजना से छत्तीसगढ़ को हटाने का फैसला किया।

बिना बिचौलियों की योजना कांग्रेस को रास नहीं

पीएम ने कहा, ‘छत्तीसगढ़ बरसों पुरानी स्थिति की ओर लौट रहा है। कैंसर, हार्ट अटैक, किडनी बीमारी में जमीन-जायदाद बेचने की नौबत आएगी, यह कांग्रेस के तौर-तरीके का नमूना है। आयुष्मान भारत में वैज्ञानिक तरीके से लिस्ट बनती है, फर्जीवाड़ा करके नाम जोड़ा-हटाया नहीं जा सकता। पैसे सीधे अस्पताल के खाते में जाते हैं। ऐसी कोई योजना जिसमें बिचौलिए दलाल न हो कांग्रेस को रास नहीं आती। 15 साल से तरस रहे थे, चौकीदार की चाक-चौबंद योजना को जारी कैसे रख सकते हैं।

जनादेश सिर-माथे पर

राज्य में हार पर पीएम ने कहा कि जनादेश को बीजेपी के एक-एक कार्यकर्ता ने सिर-माथे पर चढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जय-पराजय जीवन का हिस्सा हैं।

पीएम नेचुनावों के बाद गरीब, आदिवासी, पीड़ित, दलित, शोषित, व्यापारी कारोबारी के विकास का संकल्प और मजबूत होने की बात कही। उन्होंने कहा कि

सड़कों, रेलवे, उद्योग धंधों, एयरपोर्ट के काम में तेजी लाई जाएगी। पीएम ने कहा कि चुनाव आते-जाते रहते हैं, सरकारें आती-जाती रहती हैं लेकिन लोगों के सामान्य जीवनस्तर को ऊपर उठाने का संकल्प अटल रहता है।

कांग्रेस पर कर्जमाफी में वादाखिलाफी का आरोप

पीएम ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के किसानों से 10 दिन में कर्जमाफी का वादा किया गया था लेकिन वोट बटोरने के बाद खेल खत्म हो गया। उन्होंने कहा, ‘

उन किसानों का कर्ज माफ किया गया है जिन्होंने ग्रामीण या सहकारी बैंकों से लोन लिया था, राष्ट्रीय बैंकों, साहूकारों या रिश्तेदारों से लोन लेने वालों का नहीं।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया, ‘10 साल बाद चुनाव दिखता है तो कर्जमाफी का पिटारा लेकर आ जाते हैं। 2009 में कर्जमाफी का खेल लेकर आए थे, अब 2019 में आए है। इससे केवल बिचौलियों का भला होता है, किसान कर्ज के बोझ तले दब जाता है।

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