अगुस्टा वेस्टलैंड से उठेगा राजनीतिक तूफान

क्या मिशेल बताएगा रिश्वत लेने वाले नेताओं के नाम?

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्‍ली (साई)। अगुस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील में कथित घोटाले के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को भारत लाने में सफलता मिली है। फिलहाल मिशेल से सीबीआई पूछताछ चल ही है। मिशेल को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। CBI और ED दोनों अदालत से मिशेल से हिरासत में पूछताछ की मांग करेंगे। ऐसी उम्मीद है कि मिशेल इस मामले में भारतीय राजनीतिकों के नामों का खुलासा कर सकता है, जिससे वह अभी तक इनकार करता रहा है।

मिशेल के भारत आते ही एक बड़े राजनीतिक तूफान का स्टेज सेट हो चुका है। बीजेपी ने इसे बड़ी कूटनीतिक जीत बताते हुए कहा है कि कांग्रेस और उसकी ‘फर्स्ट फैमिली’ गांधी परिवार के लिए मुसीबत बढ़ने वाली है।

बता दें कि प्रत्यर्पण के खिलाफ मिशेल की अपील के खारिज होने के बाद दुबई की जस्टिस मिनिस्ट्री ने उसके प्रत्यर्पण के लिए ऑर्डर जारी किया था। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार के प्रतिनिधि पिछले कुछ दिनों से दुबई में थे।

अधिकारियों ने बताया कि दुबई की शीर्ष अदालत के मिशेल की प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील 19 नवंबर को ठुकराने के बाद भारत ने प्रत्यर्पण के लिए राजनयिक कोशिशें तेज कर दी थीं। भारत ने प्रत्यर्पण के लिए दुबई की अथॉरिटीज से प्रशासनिक आदेश को जल्द देने पर जोर दिया था। यह आदेश किसी नागरिक के प्रत्यर्पण के लिए जरूरी होता है।

आपको बता दें कि यूपीए शासनकाल में 12 वीवीआईपी चॉपर की सप्लाई में कथित घोटाला हुआ था। पिछले कुछ दिनों से मोदी सरकार को राफेल डील पर कांग्रेस के आक्रामक हमलों का सामना करना पड़ रहा है। अब जबकि 2019 के चुनाव नजदीक हैं तो ऐसा माना जा रहा है कि मोदी सरकार और बीजेपी अगुस्टा वेस्टलैंड डील को लेकर कांग्रेस पर पलटवार करेगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि मिशेल उन नेताओं और नौकरशाहों के नामों का खुलासा कर सकता है जिन्हें कथित तौर पर रिश्वत दी गई थी।

हालांकि अभी बड़ा सवाल यही है कि मिशेल इस बारे में कितनी जानकारी देगा और नेताओं के नाम लेगा या नहीं। भारत में अपने प्रत्यर्पण को रोकने के लिए मिशेल मिशेल ने दुबई की अदालत में दलील दी थी कि भारत में उसके साथ ‘अमानवीय व्यवहार’ हो सकता है और ‘राजनीतिक हस्तियों से संबंध स्वीकारने के लिए’ दबाव डाला जा सकता है। हालांकि कोर्ट ने उसकी अपील खारिज कर दी थी।

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