गणतंत्र दिवस पर ट्रंप को न्योता

 

(मोदस्सिर कादरी)

नई दिल्ली (साई)। अगले साल गणतंत्र दिवस परेड के लिए भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को मुख्य अतिथि बनने का न्योता दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप को न्योता भेजे जाने की यह जानकारी हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को सूत्रों से मिली है। अगर अमेरिकी राष्ट्रपति भारत का यह न्योता स्वीकार कर लेते हैं, तो विदेश नीति के स्तर पर पिछले कुछ सालों में नरेंद्र मोदी सरकार के लिए यह एक बड़ी कामयाबी होगी।

हालांकि भारत को अभी तक इस न्योते पर अमेरिका की अधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। भारत सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति को यह न्योता इस साल अप्रैल में भेजा था। ऐसे संकेत हैं कि ट्रंप प्रशासन भारत के इस न्योते पर सकारात्मक ढंग से विचार कर रहा है। भारत ने यह न्योता दोनों देशों के बीच कई राउंड की राजनयिक चर्चा होने के बाद भेजा है।

अगर डॉनल्ड ट्रंप भारत के इस न्योते को स्वीकार करते हैं, तो यह तय है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच जो वादे होंगे, वह पहले हुई ओबामा यात्रा से भी ज्यादा नाटकीय होंगे। बता दें साल 2015 में आयोजित हुई गणतंत्र दिवस परेड में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा मोदी सरकार के पहले मुख्य अतिथि बने थे।

इस समय करीब-करीब दुनिया के हर बड़े देश के लिए ट्रंप के साथ अपने रिश्ते सामान्य रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। ट्रंप का गरम मिजाज और चिड़चिड़पना दुनिया के दूसरे नेताओं के लिए उनसे सामंजस्य बैठाने में चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में अगर भारत कुछ अलग हट कर सोच रहा है, तो यह अपवाद ही होगा।

भारत और अमेरिका के संबंधों में कुछ चुनौतियां रही हैं। जैसे- दोनों देशों में व्यापार शुल्क, ईरान के साथ भारत के ऊर्जा संबंधित और ऐतिहासिक संबंधों पर अमेरिका को ऐतराज और भारत का रूस के साथ एस-400 मिसाइल का रक्षा समझौता अमेरिका की चिंताओं में खास रहा है। हालांकि ऐसे ही कुछ मामले ओबामा के कार्यकाल में भी थे।

मोदी सरकार को उम्मीद है कि अमेरिका भारत को ईरान से संबंध रखने के बावजूद कुछ छूट दे सकता है। ट्रंप प्रशासन उन देशों को प्रतिबंध की धमकी दी है, जो देश ईरान से कच्चे तेल का आयात कर रहे हैं।

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