बस स्टैण्ड भैरोगंज मार्ग की दुर्दशा

 

 

(शरद खरे)

भाजपा शासित नगर पालिका परिषद का कार्यकाल लगभग सवा चार साल का हो चुका है, इसके बाद भी परिषद की प्राथमिकताएं क्या रही हैं, यह शायद ही नागरिक आज तक जान पाये हों। लगातार तीसरी बार नगर पालिका पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है। इसके बाद भी शहर के अनेक जरूरी मार्ग को छोड़ गैर जरूरी मार्गों के निर्माण में पालिका की रूचि वाकई में शोध का विषय ही मानी जा सकती है।

शहर में अवैध कॉलोनियों में जमकर निर्माण कार्य कराये जाते रहे हैं, जबकि वैध कालोनियों और शहर की दो तीन दशकों पहले बनी कॉलोनियों को मानो पालिका ने बिसार ही दिया है। नब्बे के दशक के आरंभ में ज्यारत नाके पर भारतीय स्टैट बैंक के कर्मचारियों की सोसायटी के द्वारा बनायी गयी स्टेट बैंक कॉलोनी में आज भी पुरानी ईंट वाली नालियों के अवशेष दिख जाया करते हैं।

पता नहीं भाजपा शासित नगर पालिका परिषद को इस कॉलोनी में विकास कार्य करवाने में हिचक कयों होती है। वहीं, दूसरी ओर देखा जाये तो शहर की अवैध कॉलोनियों में पालिका के द्वारा सड़क, नाली यहाँ तक कि पाईप लाईन बिछाने के काम को अंजाम दिया गया है।

इसी तरह बस स्टैण्ड से दलसागर तालाब के मुहाने से होकर गुजरने वाले मार्ग की ओर पालिका की नजरें अब तक पता नहीं क्यों इनायत नहीं हो पायी हैं। एक समय के उप नगरीय इलाका भैरोगंज जो वर्तमान में शहर का अभिन्न अंग हो गया है को जोड़ने वाले सभी मार्ग जर्जर अवस्था में पहुँच चुके हैं।

इसमें से बस स्टैण्ड से अंग्रेजी, देशी शराब दुकान होते हुए भैरोगंज पहुँच मार्ग सालों से जर्जर अवस्था में है। इस मार्ग का आलम यह है कि यहाँ गिट्टी उभर आयी हैं। लोगों के वाहन आये दिन पंचर हो रहे हैं तो वहीं, दूसरी ओर ऊबड़-खाबड़ मार्ग पर दो पहिया वाहन चालक आये दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।

यह मार्ग बहुत ही संवेदनशील इसलिये भी माना जा सकता है क्योंकि इस मार्ग के एक ओर दलसागर तालाब है, जिसमें अथाह जलराशि है तो दूसरी ओर लगभग बारह से पंद्रह फीट की गहरायी है। इस लिहाज से अगर किसी का वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से भटका तो गंभीर दुर्घटना के कारित होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

देखा जाये तो इस मार्ग को भाजपा शासित नगर पालिका को अपनी पहली प्राथमिकता में रखा जाना चाहिये। इस मार्ग का उपयोग रोज बाजार आने-जाने वाले नागरिकों के अलावा विद्यार्थियों के द्वारा भी किया जाता है। इस मार्ग में दो निजि अस्पताल भी हैं, इस लिहाज से पालिका को इस ओर ध्यान देना चाहिये।

पता नहीं नगर पालिका की प्राथमिकताएं अब तक क्या रही हैं, जो इस मार्ग के निर्माण को कराया जाना तो दूर इसकी सुगबुगाहट भी भाजपा शासित नगर पालिका के अंदर सुनायी तक नहीं दी गयी। संवेदनशील जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच और मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पाण्डेय से जनापेक्षा है कि वे ही स्व संज्ञान से इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण के रास्ते प्रशस्त करें ताकि नागरिकों को सुशासन का कुछ तो आभास हो सके।

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