पार्टी कार्यालय में दारूखोरी और जुआ!

 

(शरद खरे)

इक्कीसवीं सदी की दूसरी सदी का उत्तरार्ध वाकई में सोशल मीडिया के लिये उपजाऊ माहौल तैयार कर रहा है। दूसरे दशक में सोशल मीडिया व्हाट्सएप्प और फेसबुक पर हर पल कुछ न कुछ नया देखने को मिल रहा है। इनमें से कुछ खबरें सच्ची होती हैं तो कुछ बनावटी (प्लांट की हुईं) भी हुआ करती हैं।

कुछ दिनों पूर्व भाजपा के सिवनी विधायक (पूर्व में निर्दलीय रहे) दिनेश राय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिसमें उनके द्वारा खुद को गिरवी रखने की बात कही गयी थी। इस वीडियो के वायरल होने के बाद दिनेश राय की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी तरह का स्पष्टीकरण नहीं आया।

इसके बाद हाल ही में उनका एक और वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे कथित तौर पर यह आरोप लगा रहे हैं कि पार्टी कार्यालय में जुआ खेला जाता है और दारूखोरी होती है। यह आरोप अपने आप में संगीन आरोप माने जा सकते हैं। आरोप संगीन इसलिये क्योंकि यह एक विधायक जैसे जिम्मेदार पद पर आसीन व्यक्ति के द्वारा लगाये गये हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद अब तक दिनेश राय की ओर से आधिकारिक रूप से इस वीडियो के संबंध में भी किसी तरह का स्पष्टीकरण नहीं आया है।

हालांकि इस वीडियो में दिनेश राय के द्वारा भाजपा, काँग्रेस या किस पार्टी के कहाँ स्थित कार्यालय में शराबखोरी और जुए की बात कही गयी है यह स्पष्ट नहीं है, फिर भी इस वीडियो के वायरल होते ही काँग्रेस और भाजपा के पदाधिकारियों के द्वारा जो वक्तव्य दिये जा रहे हैं, उन्हें देखकर तो यही प्रतीत हो रहा है कि ये आरोप भाजपा के कार्यालय को लेकर लगे हैं।

इसके अलावा लखनादौन मण्डल के भाजपा अध्यक्ष आशीष गोल्हानी के द्वारा लखनादौन में अतिक्रमण विरोधी कार्यवाही के दौरान भाजपा विधायक दिनेश राय पर परोक्ष तौर पर वार किये गये थे। इस तरह के वीडियो भी सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुए थे।

भारतीय जनता पार्टी को काडर बेस्ड और अनुशासित पार्टी माना जाता है। इस तरह के आरोपों से भाजपा के उजले दामन पर स्याह छींटे अगर लगें तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिये। इस संबंध में अब तक भाजपा संगठन की ओर से भी किसी तरह का स्पष्टीकरण न आना अपने आप में आश्चर्य का ही विषय माना जायेगा।

वैसे देखा जाये तो भाजपा में गये नये नवेले निर्दलीय विधायक दिनेश राय के इन दो वीडियो से काँग्रेस को बैठे-बैठाये मुद्दा मिल गया है, जिसे काँग्रेस कैश कराने में अक्षम ही दिख रही है। इसके पहले भी दिनेश राय के भोपाल स्थित सरकारी विधायक निवास पर हबीबगंज पुलिस के द्वारा रेड डालकर जुआरियों को पकड़ा जा चुका है।

विधायक हो या सांसद या अन्य कोई भी चुना हुआ प्रतिनिधि, उसे यह नहीं भूलना चाहिये कि उसका आचरण मर्यादित इसलिये भी होना चाहिये क्योंकि युवा तरूणाई के लिये वह पायोनियर अर्थात अगुआ होता है। लोग उसके जैसा बनने का प्रयास करते हैं। अगर जन प्रतिनिधि ही इस तरह के वक्तव्यों का उपयोग करेंगे तो आने वाले समय में सियासी नजारा किस तरह का होगा, यह प्रश्न विचारणीय ही माना जा सकता है!

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