फोरलेन जैसा हाल हो गया कटंगी रोड का!

 

 

मुझे शिकायत प्रशासन से है जिसके द्वारा सिवनी में कटंगी नाका तक रोड बनने में आ रही अड़चनों को दूर नहीं किया जा रहा है। इसके बार-बार काम रूकने के कारण ऐसा लगता है कि इस रोड का भी हश्र जिले से होकर गुजरने वाले प्रधानमंत्री स्वर्णिम चतुर्भुज के हिस्से जैसा हो गया है जो वर्षों बाद भी पूर्णता को प्राप्त नहीं हो सका है।

जिला प्रशासन के द्वारा इस कटंगी नाका रोड के कार्य में आड़े आने वाले व्यवधानों को पहले ही क्यों नहीं दूर किया गया। ऐसा लगता है जैसे ठेकेदार सौ मीटर सड़क बनायेगा तब उसके आगे अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जायेगी। जिला प्रशासन की यह अजीबो – गरीब प्रणाली ही कही जायेगी कि शहर के अंदर इस मार्ग के कार्य को आरंभ होते ही इसमें व्यवधान आने लगे हैं।

ऐसा लगता है नगर पालिका प्रशासन सहित जिला प्रशासन भी एक ऐसे आदमी के सामने नत मस्तक हो गया है जो इसी रोड पर निवास करता है। इस दमदार व्यक्ति की यह शख्सियत ही कही जायेगी कि वह हुंकार भरता है और जिला प्रशासन बौना नजर आने लगता है। वास्तव में सिवनी को ऐसे ही दमदार शख्स जैसे नेता की आवश्यकता है जो अपनी मनमर्जी का काम करवाने में सक्षम हो। ऐसे ही नेता के भरोसे सिवनी का विकास संभव दिखायी देता है क्योंकि सिवनी के अन्य नेता वे अपनी पार्टी में चाहे कितने भी बड़े पद पर हों, वे शासन – प्रशासन की कठपुतली ही नजर आते हैं।

शायद यही कारण भी है कि संबंधितों के द्वारा इस तथ्य को सार्वजनिक करने में शर्म महसूस की जा रही होगी जिससे आम जनता को यह पता चल सके कि वास्तव में कटंगी रोड की शहर में चौड़ाई कितनी होगी। लक्षण स्पष्ट दिखने लगे हैं कि शहर में इसका काम प्रवेश करते ही प्रशासन अपने आप को परेशानी में महसूस कर रहा है। ठेकेदार के द्वारा एक लंबे समय से शहर के अंदर काम आरंभ करवाया गया है लेकिन इतने लंबे समय बाद भी एक मीटर सड़क पर भी डामर की लेयर नहीं चढ़ायी जा सकी है।

एक शख्स और प्रशासन के बीच की लड़ाई के चलते आम जनता को परेशानियों का भोगमान बनना पड़ रहा है। एक-दो लोग क्या कहते हैं इसे सिरे से नकारते हुए नियम के अनुसार इस मार्ग का काम तेजी से आरंभ करवाया जाना चाहिये जो वर्तमान में एक बार फिर बंद कर दिया गया है। जिला प्रशासन को इतना तो अवश्य करना चाहिये कि ठेकेदार के द्वारा जहाँ तक फिलिंग आदि का कार्य पूर्ण करवा दिया गया है कम से कम वहाँ तक डामरीकरण करने के लिये उसे निर्देशित किया जाये ताकि यहाँ से गुजरने वाले लोगों को नारकीय पीड़ा से मुक्ति मिल सके।

अभिराज मिश्रा

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