उपभोक्ता की बात नहीं सुनते फोन उठाने वाले

मुझे भी शिकायत विद्युत विभाग से ही है। हाल ही में इसी स्तंभ में एक शिकायत विद्युत विभाग से संबंधित ही पढ़ने में आयी थी और वह शायद सिवनी को ही लेकर थी लेकिन छपारा में भी यही हाल हैं बल्कि यूँ कहा जाये कि सिवनी से भी बुरी स्थिति छपारा विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली की है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।
जिस तरह सिवनी में विद्युत प्रवाह अवरूद्ध होने पर, उपभोक्ता को शिकायत के लिये उपलब्ध कराया गया नंबर 220280 बंद हो जाता है या आउट ऑफ ऑर्डर हो जाता है ठीक वही स्थिति छपारा की भी है। यहाँ भी विद्युत प्रवाह अवरूद्ध होने पर जनता के लिये शिकायत हेतु उपलब्ध कराये गये नंबर 290283 के साथ ही साथ 9425807659 भी बंद हो जाता है। ऐसे में उपभोक्ता परेशान होता रहता है यह जानकारी जुटाने के लिये उसके क्षेत्र में विद्युत की सप्लाई कब सुचारू रूप से आरंभ हो सकेगी। जानकारी होने पर लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था बनाने में आसानी हो जाती है।
सवाल ये है कि आखिर ये नंबर दिये क्यों गये हैं आम उपभोक्ता को जब जरूरत पड़ने पर इन नंबर्स पर संपर्क करने की स्थिति को कृत्रिम रूप से विच्छेदित कर दिया जाता है। नियमानुसार विद्युत विभाग के उपभोक्ताओं के लिये शिकायत हेतु उपलब्ध कराये गये नंबर चौबीसों घण्टे कार्यरत रहना चाहिये लेकिन आवश्यकता के समय ये बंद कर दिये जाते हैं और आम उपभोक्ता परेशान होता रहता है। अब यह हर किसी के लिये संभव नहीं रहता है कि वह आधी रात के समय विद्युत विभाग के कार्यालय जाये और वहाँ जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराये।
ये स्थिति तब ज्यादा बनती है जब क्षेत्र विशेष में विद्युत प्रवाह अवरूद्ध हो जाता है। निश्चित रूप से उस समय विद्युत विभाग के कार्यालय में उपभोक्ताओं के कॉल लगातार पहुँचते हैं जो ये जानना चाहते हैं कि आखिर बिना वजह विद्युत प्रवाह अवरूद्ध कैसे हो गया लेकिन परेशान उपभोक्ताओं के कॉल से शायद विद्युत विभाग के कर्मचारी या तो परेशान हो जाते हैं और या फिर स्थानीय अधिकारियों के द्वारा ही ऐसे निर्देश दे दिये जाते हैं कि फोन को बंद कर दिया जाये। बहरहाल, कारण जो भी है लेकिन इस समस्या से विद्युत विभाग के उपभोक्ताओं को निजात दिलायी जाना चाहिये, क्योंकि शिकायत के लिये दिये गये नंबर नियमानुसार चौबीसों घण्टे चालू रहना चाहिये।
विद्युत विभाग के आला अधिकारियों से अपेक्षा ही की जा सकती है कि आम जनता से सीधे जुड़े उक्त नंबर पर ऐसी व्यवस्था बनायी जाये ताकि उसका उपभोक्ता परेशान न हो और सहज ही विद्युत विभाग से संपर्क कर सके। ऐसे कर्मचारियों की ड्यूटी उस नंबर पर न लगायी जाये जो या तो स्विच ही ऑफ कर देते हैं या फोन को उठाकर रखने जैसे कृत्य के द्वारा एक छोटे से काम से भी कामचोरी करने से बाज नहीं आते हैं।
आनंद तिवारी

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